
प्राकृतिक खेती अपनाने पर दिया जायेगा जोर
3 जुलाई को प्रत्येक समिति में पांच पौधे लगाने का लिया संकल्प
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। सहकारी सप्ताह के दूसरे दिन बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय सहकारी संगोष्ठी एवं जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की बैठक आयोजित की गई। संगोष्ठी का मुख्य विषय सदस्यों की आय बढ़ाने में एफपीओ एवं पैक्स की भूमिका रहा। कार्यक्रम में जिले की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों विभागीय अधिकारियों और बैंक अधिकारियों ने भाग लिया है। संगोष्ठी में जनपद पंचायत खैरागढ़ की अध्यक्ष डॉ. राजेश्वरी शैलेन्द्र त्रिपाठी, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं नोडल अधिकारी बी.एल. नेताम, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के नोडल अधिकारी योगेन्द्र शर्मा तथा बैंक परिवेक्षक शीतल देवांगन ने किसानों की आर्थिक उन्नति में सहकारिता की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की है।वक्ताओं ने कहा कि एफपीओ और पैक्स के माध्यम से किसानों को बेहतर विपणन व्यवस्था आधुनिक तकनीकी जानकारी वित्तीय सहायता और कृषि संसाधनों तक आसान पहुंच मिल सकती है जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। कार्यक्रम में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। विशेषज्ञों ने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों से पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। साथ ही सभी सहकारी समितियों से 3 जुलाई को कम से कम पांच पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया गया है। संगोष्ठी के दौरान महिला नेतृत्व वाले एफपीओ एवं एफपीसी की उपलब्धियों और उनके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को मिल रहे आर्थिक अवसरों की भी जानकारी दी गई। सहकारिता विस्तार अधिकारी प्रदीप कुमार भालेकर ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कार्यों जिम्मेदारियों और संचालन व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने सहकारिता कृषि और बैंकिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे जिनका विभागीय अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने समाधान किया है। इस अवसर पर प्रभारी सहकारिता विस्तार अधिकारी आर.के. महिलांगे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारी-कर्मचारी तथा जिले की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन योगेन्द्र शर्मा ने किया है।