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संविदा कर्मचारियों के मानदेय बढ़ाने की मांग ने पकड़ा जोर जिला पंचायत अध्यक्ष ने वित्त मंत्री को भेजा अनुशंसा पत्र

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 50 हजार से अधिक संविदा कर्मचारियों के मानदेय पुनरीक्षण की मांग को अब जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिलने लगा है। जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका खम्हन ताम्रकार ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी को अनुशंसा पत्र भेजा है। इसमें 1 जुलाई 2026 से संविदा कर्मचारियों के मानदेय में यथोचित वृद्धि कर वेतन का पुनरीक्षण करने की मांग की गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने पत्र में कहा है कि राज्य शासन ने 2 अगस्त 2023 को संविदा कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की थी। इसके बाद करीब तीन वर्ष बीत चुके हैं लेकिन अब तक मानदेय पुनरीक्षण को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। महंगाई में लगातार हो रही वृद्धि के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक कठिनाइयां बढ़ रही हैं। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मानदेय में वृद्धि आवश्यक है।

इससे पहले 6 अगस्त को छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ की जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था। महासंघ ने मानदेय वृद्धि के साथ सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग रखी। कर्मचारियों ने मध्यप्रदेश की तर्ज पर संविदा कर्मचारियों के लिए बेहतर सेवा शर्तें लागू करने की भी मांग की। महासंघ पदाधिकारियों ने बताया कि संविदा कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों के निराकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव के दौरान संविदा कर्मचारियों से संबंधित ‘मोदी की गारंटी’ के तहत गठित समिति का भी हवाला देते हुए शासन से लंबित मांगों पर शीघ्र ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया।

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