
आदिवासी समुदाय के 15 से 20 हजार कार्यकर्ता हुये रैली में शामिल
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। सर्व आदिवासी समाज एवं अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया। आयोजन में जिले के विभिन्न आदिवासी समाजों के पदाधिकारी सामाजिक प्रमुख जनप्रतिनिधि शासकीय सेवक, युवा, महिलाएं, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत आराध्य देवी-देवताओं एवं पेन-पुर्खाओं की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद समाज प्रमुखों का स्वागत किया गया। प्रतिभावान विद्यार्थियों और नवीन नियुक्त शासकीय कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया है। आयोजन में जय बूढ़ादेव करमा लोक नृत्य दल कोदवा ने पारंपरिक करमा नृत्य की प्रस्तुति देकर आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की। पारंपरिक गीत-संगीत और वाद्ययंत्रों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया है।
अधिकार और संस्कृति के संरक्षण पर जोर
समाज प्रमुखों और वक्ताओं ने आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों सामाजिक अधिकारों धर्म-संस्कृति और पारंपरिक पहचान के संरक्षण पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण पहचान हैं। नई पीढ़ी को इन परंपराओं से जोड़ने के साथ संविधान प्रदत्त अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। इस अवसर पर संजीव ध्रुव की पुस्तक शंभू ईशर गौरव सृजन की लोकगाथा का विमोचन किया गया। पुस्तक में आदिवासी समाज की लोकपरंपराओं सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को संजोने का प्रयास किया गया है।
पारंपरिक वेशभूषा में निकली भव्य रैली
कार्यक्रम के बाद पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत नृत्य और वाद्ययंत्रों के साथ नगर में विशाल रैली निकाली गई। आयोजकों के अनुसार रैली में करीब 15 से 20 हजार समाजजन शामिल हुए। विभिन्न आदिवासी समाजों के लोगों ने नगर भ्रमण कर सामाजिक एकता सांस्कृतिक गौरव और अपनी परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर पंचायत गंडई अध्यक्ष एवं समाज प्रमुख टाकेश्वर शाह खुसरो तथा पूर्व नगर पंचायत छुईखदान अध्यक्ष राजा गिरिराज किशोर दास वैष्णव सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष रामावतार नेताम, गोंडवाना गोंड समाज जिला अध्यक्ष संतराम छेदईया, कंवर समाज जिला अध्यक्ष रामजी सिदार, बैगा समाज जिला अध्यक्ष जीवन मरावी, गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन प्रांत अध्यक्ष संतोष मरावी, कंडरा समाज जिला अध्यक्ष मनोज कुंजाम, अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ जिला अध्यक्ष संजय धुर्वा, पूर्व जिला अध्यक्ष बहादुर सिंह खुसरो, जिला उपाध्यक्ष संतोष नेताम, छुईखदान ब्लॉक अध्यक्ष संजीव कुमार ध्रुव, गंडई तहसील अध्यक्ष भुवन नेताम, साल्हेवारा तहसील अध्यक्ष राजकुमार मरकाम सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं प्रमुखजन उपस्थित रहे। महिला प्रभाग की अध्यक्ष लक्ष्मी सोरी, संरक्षक पूर्णिमा नेताम सहित महिला प्रतिनिधि और मातृशक्ति की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। युवा प्रतिनिधियों में डोगेंद्र ठाकुर, किशन मंडावी, ओमप्रकाश सोरी, मनोज मंडावी, ज्ञानिक धुर्वे, कन्हैया धुर्वे, कुंभलाल मंडावी, राजिंदर मरावी, विनोद मांडवी, रंजीत धुर्वे और सरजू ध्रुव सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। करमा नृत्य दल के संचालक नंदू खुशरो, गजराज खुसरो, शिवचरण खुसरो, समाजसेवी बलदाऊ नेताम एवं उनकी टीम ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में समाज की विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति राज्यपाल मुख्यमंत्री एवं आदिम जाति विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा गया। आयोजन का समापन आदिवासी समाज की एकता संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।