
पत्रकार पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला
खैरागढ़। जिला मुख्यालय में आयोजित सरस मेला के दौरान ड्यूटी पर तैनात आईटीबीपी के जवान द्वारा वरिष्ठ पत्रकार किशोर सोनी के साथ की गई मारपीट की घटना की पूर्व जिला पंचायत सभापति विप्लव साहू ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरल, सौम्य एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी किशोर सोनी के साथ हुई यह घटना न केवल निंदनीय है बल्कि पूरी पत्रकारिता जगत पर हमला है। विप्लव साहू ने कहा कि घटना के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपी जवान को मानसिक रूप से असंतुलित एवं घरेलू परेशानियों से ग्रस्त बताया जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए साथ ही यह भी पता लगाया जाना आवश्यक है कि जवान किन परिस्थितियों में मानसिक तनाव से गुजर रहा था और क्या वह अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए उपयुक्त था। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा में तैनात जवान ही आम नागरिकों एवं पत्रकारों के साथ मारपीट जैसी घटना को अंजाम देते हैं तो यह कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। शासन-प्रशासन को मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।विप्लव साहू ने घटना के विरोध में पत्रकार संघ द्वारा एकजुट होकर किए गए धरना-प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। पत्रकार समाज की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सामने लाकर शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।