
ओवररेट शराब बिक्री पर साय सरकार ने दिखाई सख्त
मामले में विक्रेता पर पहले ही दर्ज हो चुका है प्रकरण
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छत्तीसगढ़ शासन ने शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बिक्री के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के एक उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है जिसमें खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की एक कंपोजिट मदिरा दुकान में उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूले जाने की पुष्टि हुई। आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने गंडई स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान छद्म ग्राहक (डिकॉय कस्टमर) के माध्यम से शराब बिक्री की दरों का सत्यापन कराया गया। निरीक्षण में पाया गया कि दुकान के विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर ने तीन पाव देसी शराब जिसकी निर्धारित कीमत 240 रुपये थी, उसे 250 रुपये में बेचा। इस प्रकार उपभोक्ता से 10 रुपये अधिक वसूले गए। मामले की पुष्टि होने पर विक्रेता के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद विभागीय जवाबदेही तय करते हुए संबंधित क्षेत्र के प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिरमौर की भूमिका की समीक्षा की गई। आदेश में कहा गया है कि उनके प्रभार क्षेत्र में इस प्रकार की अनियमितता का पाया जाना कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और नियंत्रण में शिथिलता को दर्शाता है। इसे सेवा आचरण नियमों के विपरीत मानते हुए शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान प्रभाकर सिरमौर का मुख्यालय संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय, दुर्ग निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। ऐसे में शासन की यह कार्रवाई उपभोक्ता हितों की रक्षा, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और शराब दुकानों में मनमानी पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार राज्य के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की शिकायतों की जांच जारी है और अनियमितता पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। शासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ओवररेट बिक्री और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

