
28 दिन की वैधता, डेटा प्लान और कंपनियों की नीतियों पर उठे सवाल
सत्यमेव न्यूज गंडई-पंडरिया। मोबाइल रिचार्ज की बढ़ती कीमतों और टेलीकॉम कंपनियों की कथित मनमानी के विरोध में किसान नेता रणजीत सिंह चंदेल एवं पार्षद दिलीप ओगरें ने शनिवार को महामहिम राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गंडई को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार और दूरसंचार नियामक से आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की गई।
28 दिन की वैधता पर उठाया सवाल
ज्ञापन में कहा गया कि अधिकांश मोबाइल रिचार्ज योजनाओं की वैधता 28 दिन निर्धारित होने से उपभोक्ताओं को वर्ष में 12 के बजाय 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है। इसे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए एक माह की अवधि के अनुरूप वैधता तय करने की मांग की गई।
कीपैड फोन उपभोक्ताओं के लिए अलग योजना की मांग
रणजीत सिंह चंदेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग केवल बातचीत के लिए कीपैड फोन का उपयोग करते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को डेटा की आवश्यकता नहीं होती फिर भी उन्हें डेटा सहित महंगे प्लान लेने पड़ रहे हैं। उन्होंने केवल कॉलिंग सुविधा वाले सस्ते प्लान उपलब्ध कराने की मांग की है।
बचा हुआ डेटा अगले दिन जोड़ने की मांग
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि उपभोक्ता द्वारा खरीदा गया बचा हुआ डेटा प्रतिदिन समाप्त कर दिया जाता है। इसे उपभोक्ता हितों के विपरीत बताते हुए डेटा कैरी-फॉरवर्ड की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई ताकि शेष डेटा अगले दिन भी उपयोग किया जा सके।
कॉलिंग और डेटा को अलग-अलग रखने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि जिन उपभोक्ताओं को केवल कॉलिंग सेवा चाहिए उन्हें डेटा प्लान लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। कॉलिंग और डेटा सेवाओं को अलग-अलग उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
आम लोगों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
किसान नेता ने कहा कि लगातार महंगे हो रहे रिचार्ज का असर किसानों मजदूरों विद्यार्थियों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से टेलीकॉम कंपनियों की नीतियों की समीक्षा कर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए टेलीकॉम कंपनियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाएं ताकि आम नागरिकों को सस्ती और पारदर्शी दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

