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छत्तीसगढ़

डेडलाइन से पहले माओवादियों के हथियारों का जखीरा बरामद

सत्यमेव न्यूज अंबागढ़ चौकी। जिला पुलिस के द्वारा नक्सल विरोधी अभियान के तहत माओवादियो के पूरे ईको सिस्टम को ध्वस्त करने के लिए पुलिस से लूटे हथियारों की जप्ती के प्रयास जारी है। इसी कड़ी में राजनांदगांव रेंज पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव सोमावार के निर्देशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह के नेतृत्व में एक और सफलता मिली है। आज मुखबीर से प्राप्त सूचना पर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह के नेतृत्व में जिला पुलिस, डीआरजी एवं आईटीबीपी फोर्स जिला कांकेर थाना कोडेकुरसे सीमा क्षेत्र गाँव कोवाचीटोला एवं थाना मदनवाड़ा के कलवर जंगल मे नक्सलियों द्वारा छुपाए गए डंप की सर्चिंग के लिए रवाना हुई थी।तकरीबन 4-5 घंटों की सघन सर्चिंग के बाद टेकरी पर स्थित नाला किनारे कटे हुए पेड़ के नीचे काले पालिथीन मे लपेटी हुई एक बड़ी बंडल मिली । जिसे सावधानी पूर्वक हटाकर चेक करने पर काले पालिथीन मे लपेटी हुई दो आटोमेटिक हथियार मैगजीन के साथ बरामद की गई ।

जिला पुलिस एवं आईटीबीपी फोर्स के द्वारा विशेष प्रयास से दोनों आटोमेटिक हथियार भरी हुई मैगजीन के साथ बरामद कर अग्रिम कानूनी कार्यवाही की जा रही है। बरामद हथियारों आटोमेटिक रायफल एके, इंसास रायफल बरामद हुई।

जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी में वर्ष 1985 के आसपास थाना औंधी क्षेत्र मे माओवादियों का प्रवेश हुआ और बस्तर क्षेत्र से सटे होने के कारण इस क्षेत्र मे आधार बनाना शुरू किए । नक्सली महाराष्ट्र और छग सीमा के गांवों मे जाकर ग्रामीणों से मिलना और नक्सली विचारधारा का प्रचार प्रसार लगातार कर रहे थे। नक्सलियों ने 41 वर्षों मे कई बड़ी घटनाओ को अंजाम दी है । सितंबर 2022 की स्थिति मे नवीन जिला बनने के समय माओवादी संगठन मे केवल 2 एरिया कमेटी और 2 लोकल ऑर्गेनाइजेशन स्क्वाड सक्रिय थे । जो आज दिनांक की स्थिति मे निरंक है। इस जिले से माओवादी संगठन मे भर्ती हुए सभी जिला मूल निवासी आत्मसमर्पण कर चुके है या फिर किसी पुलिस नक्सली मुठभेड़ मे मारे जा चुके है । साथ ही बस्तर या किसी अन्य क्षेत्र के निवासी नक्सली इस जिले मे सक्रिय नही है

Satyamev News

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