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महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार जवाब स्पष्ट करें, इसे लागू करने में देरी क्यों- मनराखन देवांगन

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए खैरागढ़ के युवा तुर्क कांग्रेस नेता एवं विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने कहा है कि देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी देने के मुद्दे पर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक 2023 को चुनावी रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर केवल घोषणाएं करना पर्याप्त नहीं बल्कि ठोस क्रियान्वयन आवश्यक है। जारी बयान में श्री देवांगन ने कहा कि सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों से सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण विधेयक को अब तक लागू नहीं किया जाना समझ से परे है। जब विधेयक पारित हो चुका है तो इसके क्रियान्वयन के लिए 2026 अथवा परिसीमन प्रक्रिया तक प्रतीक्षा कराना महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को टालने जैसा है। उन्होंने मांग की कि वर्तमान 543 सदस्यीय लोकसभा की संरचना के भीतर ही इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला नेतृत्व को बढ़ाना चाहती है तो उसे राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी होगी। पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी ने यह साबित किया है कि अवसर मिलने पर महिलाएं उत्कृष्ट नेतृत्व दे सकती हैं। बावजूद इसके विधानसभा और संसद में अब भी उनकी संख्या अपेक्षाकृत कम है जो लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के सिद्धांत के विपरीत है। श्री देवांगन ने यह भी कहा कि बिना जातिगत जनगणना के महिला आरक्षण अधूरा रहेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किए बिना यह व्यवस्था संतुलित नहीं मानी जा सकती। यदि सामाजिक न्याय का समुचित समावेश नहीं किया गया तो इसका लाभ सीमित वर्ग तक सिमटने की आशंका रहेगी। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कई राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को जनदबाव के बाद अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ा है। महिला आरक्षण के मामले में भी स्पष्ट समयसीमा और रोडमैप सामने नहीं आना गंभीर चिंता का विषय है। परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने आशंका जताई और कहा कि इसे राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संतुलन और समान अवसर के आधार पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि महिला आरक्षण को शीघ्र, पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से लागू नहीं किया गया तो किसान कांग्रेस एवं कांग्रेसजन गांव-गांव जाकर जनजागरण अभियान चलाएंगे तथा लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज बुलंद करेंगे।
अंत में मनराखन ने कहा कि महिला आरक्षण केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि देश की लोकतांत्रिक आत्मा, सामाजिक समानता और महिलाओं के सम्मान से जुड़ा प्रश्न है। केंद्र सरकार को इस विषय पर विलंब छोड़कर निर्णायक कदम उठाना चाहिए।

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