
पारंपरिक गीत-संगीत के बीच हुआ विसर्जन
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। ग्राम बढ़ईटोला में रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर पारंपरिक भोजली प्रतियोगिता का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। भाइयों को रक्षासूत्र बांधने के बाद दोपहर करीब 1 बजे प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। गांव की माताओं एवं बहनों ने अपने-अपने घरों में श्रद्धा और पारंपरिक विधि से तैयार की गई भोजली को लेकर अवंती चौक पहुंचकर सजाया। इसके बाद गांव के प्रमुख लोगों सहित करीब 5 से 7 सदस्यों की समिति ने भोजली का निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया। मूल्यांकन के आधार पर प्रथम से पंचम स्थान तक चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में गांव की करीब 50 से 60 माताओं-बहनों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह, गीतों पर थिरकीं महिलाएं
भोजली प्रतियोगिता के साथ महिलाओं के लिए मटकी फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान गांव में उत्साह और खुशियों का माहौल बना रहा। भोजली को लेकर महिलाएं पारंपरिक सुवा गीत गाते हुए अवंती चौक से विसर्जन स्थल तक पहुंचीं। इस दौरान ‘अवंती बाई की जय’ के जयकारों से माहौल गूंज उठा। तालाब-सरोवर में पारंपरिक गीतों के साथ भोजली का विसर्जन किया गया। महिलाओं ने सुवा नृत्य की प्रस्तुति देकर लोक परंपरा और संस्कृति की सुंदर झलक भी पेश की।
पुरस्कार वितरण के साथ हुआ आयोजन का समापन
भोजली प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। आयोजन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने गांव की लोक परंपराओं के प्रति उनके उत्साह को प्रदर्शित किया। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने जहां भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक रिश्तों की मिठास को मजबूत किया, वहीं भोजली गीत, नृत्य, प्रतियोगिता और विसर्जन के माध्यम से ग्रामीण लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का संदेश भी दिया। पूरे आयोजन में माताओं-बहनों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र रहाl
