
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। खैरागढ़ वन परिक्षेत्र के उपवृत्त लछना अंतर्गत दल्लीखोली वन परिसर के कक्ष क्रमांक 322 में 25 मई की शाम कई वन्यजीव और पक्षी मृत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। निरीक्षण के दौरान कुल 15 वन्यजीव एवं पक्षियों के शव बरामद किए गए। विभागीय अमले ने सभी मृत जीवों का पंचनामा तैयार कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। साथ ही आसपास के जल स्रोतों और पर्यावरणीय परिस्थितियों का भी परीक्षण किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पशु चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम और वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी और लगातार चल रही हीट वेव को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। वन विभाग ने क्षेत्र के जल स्रोतों से पानी और मिट्टी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे हैं ताकि वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जंगल में प्राकृतिक वाटर होल मौजूद हैं लेकिन लगातार बढ़ते तापमान और घटते जलस्तर ने वन्यजीवों के लिए संकट पैदा कर दिया है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने वन्यजीवों और पक्षियों के लिए विभिन्न स्थानों पर तीन अस्थायी वाटर होल तैयार किए हैं जहां नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर भी वाटर होल बनाने की तैयारी चल रही है। वन मंडलाधिकारी पंकज सिंह राजपूत ने बताया कि क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। ट्रेप कैमरों की मदद से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। संवेदनशील इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, बीमार या मृत अवस्था में दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। इसके लिए विभागीय कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर 9301321797 जारी किया गया है। वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए विभाग लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

