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नीट छात्रा की आत्महत्या पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर निशाना, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जगदलपुर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े कथित मानसिक तनाव के बीच एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना पर शहर कांग्रेस कमेटी खैरागढ़ के अध्यक्ष डॉ.अरुण भारद्वाज ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार की शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि यह केवल एक छात्रा की असामयिक मृत्यु नहीं बल्कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली और प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव से उत्पन्न गंभीर चुनौतियों का संकेत है। भारद्वाज ने अपने जारी बयान में कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में प्रतियोगी परीक्षाओं की बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने लाखों विद्यार्थियों को निरंतर मानसिक दबाव, तनाव और असुरक्षा की स्थिति में ला खड़ा किया है। उनका कहना है कि वर्षों की कठिन तैयारी के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सफलता नहीं मिलने पर निराशा और अवसाद का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल परीक्षाओं के आयोजन तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित मान रही है जबकि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, प्रभावी काउंसलिंग, परीक्षा सुधार और तनाव प्रबंधन जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही है वहीं लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि परीक्षा प्रणाली को अधिक संवेदनशील, छात्र-केंद्रित और मानवीय बनाने की आवश्यकता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ाना नहीं बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और मानसिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना भी होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा कर मानसिक स्वास्थ्य सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और परीक्षा सुधार के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए। श्री भारद्वाज ने दिवंगत छात्रा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी परीक्षा का परिणाम जीवन से बड़ा नहीं होता और कठिन परिस्थितियों में परिवार, शिक्षकों तथा विशेषज्ञों से संवाद बनाए रखें। उन्होंने समाज से भी विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया है।

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