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जालबांधा उपतहसील कार्यालय में वर्षों से नहीं हुआ ध्वजारोहण, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

सत्यमेव न्यूज जालबांधा। जालबांधा उपतहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाए हैं। नागरिकों के अनुसार पिछले करीब तीन से चार वर्षों से 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर उपतहसील कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उपतहसील कार्यालय के आसपास स्थित ग्राम पंचायत भवन और पशु चिकित्सा विभाग के कार्यालय में राष्ट्रीय पर्वों पर नियमित रूप से ध्वजारोहण किया जाता है। ऐसे में उपतहसील जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय में वर्षों से तिरंगा नहीं फहराया जाना गंभीर विषय माना जा रहा है।

नागरिकों के अनुसार उपतहसील कार्यालय में पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था भी नहीं है। कम्प्यूटर ऑपरेटर और बाबू की नियमित उपलब्धता नहीं होने के कारण राजस्व एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं तहसीलदार की उपस्थिति भी सीमित रहने की बात स्थानीय लोगों द्वारा कही जा रही है। लोगों का आरोप है कि कई बार कर्मचारियों के अभाव में कार्यालय की जिम्मेदारी कोटवार के भरोसे रहने जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। इससे आम जनता से जुड़े जरूरी राजस्व और प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन को लेकर चिंता बढ़ रही है।

उपतहसील कार्यालय ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में यहां पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति, अधिकारियों की नियमित उपस्थिति तथा आवश्यक कार्यालयीन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना जरूरी है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही राष्ट्रीय पर्वों पर उपतहसील कार्यालय में विधिवत ध्वजारोहण सुनिश्चित करने और कार्यालय में पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था कर आम जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब आसपास के अन्य शासकीय कार्यालयों में राष्ट्रीय पर्वों पर नियमित रूप से तिरंगा फहराया जाता है तो जालबांधा उपतहसील कार्यालय में पिछले कई वर्षों से ध्वजारोहण क्यों नहीं हो रहा है हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर वास्तविक स्थिति क्या है यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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