
आयोजन मे 3 हजार से अधिक लोगों को किया जागरूक
30 से अधिक ग्राम पंचायतों में आयोजित हुईं ग्राम सभाएं
साइबर ठगी से बचाव के बताए आवश्यक उपायखैरागढ़। गांधी जयंती के अवसर पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान का समापन ‘साइबर चौपाल’ कार्यक्रम के माध्यम से किया गया। अभियान के अंतिम चरण में जिले की 30 से अधिक ग्राम पंचायतों एवं अर्धनगरीय क्षेत्रों में आयोजित ग्राम सभाओं में पुलिस टीमों ने पहुंचकर ग्रामीणों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। साइबर चौपाल के दौरान पुलिस टीमों ने आमजन को साइबर ठगी के बदलते तरीकों की जानकारी देते हुए ओटीपी फ्रॉड, जॉब फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, एपीके फाइल और संदिग्ध लिंक के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहने की समझाइश दी। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग विभिन्न माध्यमों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड, बैंक खाते से संबंधित जानकारी अथवा निजी दस्तावेज साझा नहीं करना चाहिए। पुलिस ने नागरिकों से मोबाइल पर प्राप्त होने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा अनजान स्रोत से प्राप्त एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने की अपील की। साथ ही साइबर अपराध से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल सतर्कता बरतने और उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई। अभियान के दौरान आयोजित विभिन्न ग्राम सभाओं में 3 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की। पुलिस टीमों ने नागरिकों से स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। पुलिस ने बताया कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में जागरूकता, सावधानी और समय पर कार्रवाई ही साइबर ठगी से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है।
