
वरिष्ठ चिकित्सिका डॉ.प्रीति वैष्णव के मार्गदर्शन में टीम ने कराया सुरक्षित प्रसव, जच्चा-बच्चा स्वस्थ
खैरागढ़। सिविल अस्पताल खैरागढ़ में चिकित्सकीय टीम के प्रयासों से वनांचल ग्राम देवरी निवासी किरण वर्मा ने सामान्य प्रसव से जुड़वां बेटों को जन्म दिया। बीते दिन हुए इस प्रसव में वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.प्रीति वैष्णव के मार्गदर्शन में स्टाफ नर्स श्रद्धा वैष्णव और उनकी सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रसव के बाद मां और दोनों नवजात स्वस्थ हैं। जुड़वां बच्चों का सामान्य प्रसव होने से परिवार में खुशियां छा गईं।
महज छह मिनट के अंतराल में जन्मे दोनों बच्चे
जानकारी अनुसार देवरी निवासी किरण वर्मा पति तिलोक वर्मा को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब 3 बजे शासकीय एम्बुलेंस से सिविल अस्पताल खैरागढ़ लाया गया। महिला की स्थिति का आकलन करने के बाद प्रसूति विभाग में पदस्थ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.प्रीति वैष्णव ने स्टाफ नर्स श्रद्धा वैष्णव, गरिमा नागवंशी और रोहिणी के सहयोग से प्रसव कराया। दोपहर 3.42 बजे पहले बच्चे और महज छह मिनट बाद 3.48 बजे दूसरे बच्चे का जन्म हुआ। दोनों नवजात बेटों का वजन क्रमशः दो किलो और दो किलो 80 ग्राम बताया गया है। चिकित्सकीय देखरेख में मां और दोनों बच्चों की स्थिति सामान्य है।
अनुभव और सूझबूझ से संभव हुआ सामान्य प्रसव
जुड़वां गर्भावस्था में प्रसव की प्रक्रिया के दौरान विशेष चिकित्सकीय सतर्कता की आवश्यकता होती है। ऐसे में महिला की स्थिति और शिशुओं की स्थिति का आकलन करते हुए सुरक्षित प्रसव का निर्णय महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में डॉ.प्रीति और स्टाफ नर्स श्रद्धा ने अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर प्रसव की प्रक्रिया पूरी कराई। पूरी टीम के समन्वय से बिना सिजेरियन ऑपरेशन के सामान्य प्रसव संपन्न हुआ। बता दे कि डॉ.प्रीति वैष्णव वर्ष 2017 से सिविल अस्पताल खैरागढ़ में सेवाएं दे रही हैं वहीं वरिष्ठ स्टाफ नर्स श्रद्धा वैष्णव भी पिछले 13 वर्षों से अस्पताल में प्रसूति सेवाओं की जिम्मेदारी निभा रही हैं। अस्पताल में उनकी सेवाओं के दौरान अनेक महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया जा चुका है।
गरीब मजदूर परिवार को मिली बड़ी राहत
जुड़वां बच्चों के पिता तिलोक वर्मा मजदूरी और खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने सामान्य प्रसव के लिए चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि टीम के बेहतर प्रयासों से उनकी पत्नी का प्रसव स्थानीय शासकीय अस्पताल में ही सुरक्षित रूप से हो सका। इससे परिवार को उपचार के लिए दूसरे शहर जाने की परेशानी और अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिली। दोनों नवजातों के जन्म से अस्पताल में परिजनों के बीच खुशी का माहौल रहा। परिवार ने डॉ.प्रीति वैष्णव, स्टाफ नर्स श्रद्धा वैष्णव, गरिमा नागवंशी और रोहिणी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस सफल प्रसव पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार शुक्ला, सिविल सर्जन एवं जिला अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डॉ.आशीष शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ.विवेक बिसेन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चिकित्सकीय टीम के प्रयासों की सराहना की।