
6 एम्बुलेंस, एक विशेष एम्बुलेंस और एमसीएच भवन बनेगा
100 पदों पर भर्ती और आधुनिक जांच सुविधाओं की भी घोषणा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बाल मधुमेह कार्यशाला में किए बड़े ऐलान
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देते हुए छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खैरागढ़ को कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सौगातों की घोषणा की। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में आयोजित जिला स्तरीय बाल मधुमेह जागरूकता कार्यशाला के दौरान उन्होंने जिले में 6 नई एम्बुलेंस और 1 विशेष (आईसीयू) एम्बुलेंस, सामुदायिक जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में सोनोग्राफी मशीन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे मशीन तथा आने वाले समय में सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि सिविल अस्पताल खैरागढ़ में 50 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) भवन स्थापित किया जाएगा तथा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 100 नए पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए जिला अस्पताल के निर्माण तक वर्तमान सिविल अस्पताल को जिला अस्पताल के अनुरूप सभी आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा और इसके लिए सीएमएचओ डॉ. तिवारी को तत्काल मांग प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
डायबिटीज से घबराने की जरूरत नहीं- मंत्री जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि डायबिटीज से घबराने की आवश्यकता नहीं है बल्कि समय पर जांच और नियमित उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बाल मधुमेह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह रोग संक्रामक नहीं है और सही जीवनशैली, संतुलित आहार तथा नियमित इंसुलिन से प्रभावित बच्चे भी सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब, अचानक वजन घटना, कमजोरी या थकान जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लिया जाना चाहिये।
घोषणाएं लाभकारी सिद्ध होंगी- यशोदा वर्मा
खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा नीलाम्बार वर्मा ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की लंबे समय से आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा की गई घोषणाएं आम जनता, विशेषकर ग्रामीण और जरूरतमंद वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी। उन्होंने बाल मधुमेह जैसे गंभीर विषय पर जिले में कार्यशाला आयोजित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ की सराहना की तथा आशा व्यक्त की कि इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी।
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी मजबूती- विक्रांत सिंह
जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने जिले की जमीनी स्वास्थ्य समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि संसाधनों और मानवबल की कमी लंबे समय से एक चुनौती रही है। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस, एमसीएच भवन और भर्ती की घोषणाएं जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देंगी और इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के बीच समन्वय आवश्यक कलेक्टर
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने कहा कि बाल मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों की समय पर पहचान और निरंतर उपचार के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले में नियमित जागरूकता कार्यक्रम, स्क्रीनिंग और उपचार व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।
सामाजिक जागरूकता अभियानों में हम स्वास्थ्य विभाग के साथ- एसपी लक्ष्य शर्मा
पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग भी सामाजिक जागरूकता अभियानों में स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करता रहेगा।
प्रभावित बच्चों को किया गया डायबिटीज किट का वितरण
डायबिटीज किट वितरण और सहभागिता कार्यशाला में 17 बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चे अपने परिजनों के साथ उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल द्वारा बच्चों को डायबिटीज किट वितरित की गई जिससे बच्चों और अभिभावकों में सकारात्मक संदेश गया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल ने स्वास्थ्य मंत्री, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस महती आयोजन में समाजसेवी घम्मन साहू, बिसेशर साहू, टीके चंदेल, गोरेलाल वर्मा, जिला पंचायत सदस्य अरुणा बनाफर, ललित चोपड़ा, डॉ.शैलेंद्र त्रिपाठी, शैलेंद्र मिश्रा सहित सीएमएचओ डॉ. आशीष शर्मा, बीएमओ डॉ.विवेक बिसेन एवं जिले के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
