जर्जर हो रहा पिपरिया व अमलीडीह खुर्द का स्कूल भवन

बारिश होने पर छत से टपक रहा पानी
जर्जर होकर गिरता जा रहा भवन का छत
सत्यमेव न्यूज़/खैरागढ़. भवन निर्माण के बाद से मरम्मत के अभाव में वार्ड क्र.02 नवीन पिपरिया का मिडिल स्कूल तथा अमलीडीह खुर्द का प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर हो रहा है. धीरे-धीरे भवन का छत जर्जर होकर गिरता जा रहा है वहीं बारिश के बाद छत से पानी भी टपकना शुरू हो गया है, ऐसे में सावन माह में पढ़ाई करना यहां के छात्रों के लिये चुनौतीपूर्ण रहेगा. इस वर्ष अंचल में बेहतर बारिश हो रहा है. बारिश शुरू होते ही छत से पानी टपकना शुरू हो जाता है जिससे बच् चों की पढ़ाई नहीं हो पाती. पिपरिया स्कूल में केवल तीन कक्षा है जहां एक-एक कक्षा में 6वीं, 7वीं और 8वीं के छात्र पढ़ाई करते हैं लेकिन बारिश होने पर पानी टपकने के बाद छात्रों के लिये अतिरिक्त कक्षा नहीं है जहां पढ़ाई जारी रख सकें, यही स्थिति अमलीडीह खुर्द के प्राथमिक शाला भवन की है. भवन की दीवारों पर सीलन के चलते दीवारें भी खराब हो रही है और दीवारों की पपडिय़ां टूटकर गिर रही है.

पिपरिया स्कूल में शिक्षकों का अभाव
पिपरिया स्थित मिडिल स्कूल में शिक्षकों के अभाव के चलते यहां अध्ययनरत बच् चें बेहतर अध्ययन नहीं कर पा रहे हैं. यहां प्रधान पाठक के अलावा केवल दो ही शिक्षक हैं जो 175 बच् चों को अध्यापन कराते हैं. नियम: 35 बच् चों के पीछे एक शिक्षक होना चाहिये जिसके मुताबिक यहां 5 शिक्षक रहना था परंतु 175 बच् चों का अध्यापन कार्य केवल दो शिक्षकों के भरोसे चल रहा है ऐसे में बच् चें सभी विषयों का बेहतर अध्ययन नहीं कर पा रहे हैं. तीन कक्षाओं का संचालन दो शिक्षकों के द्वारा किया जा रहा है ऐसे में प्रधान पाठिका को भी अपना काम छोडक़र बच् चों को पढ़ाना पड़ता है. जर्जर भवन के जीर्णोद्धार को लेकर शिक्षकों के द्वारा तीन माह पहले बीईओ के समक्ष प्रस्ताव भी किया गया है लेकिन इस पर भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है.
अमलीडीह स्कूल में असामाजिक तत्वों का डेरा
दूसरी ओर अमलीडीह स्कूल भी मरम्मत के अभाव में जर्जर होता जा रहा है. प्राथमिक शाला भवन में असामाजिक तत्वों का डेरा बना हुआ है, स्कूल के सामने शराबखोरों के द्वारा शराब पीकर डिस्पोजल सहित बोतल स्कूल के सामने ही फेक दिया जाता है. यहां साफ-सफाई व्यवस्था भी बदहाल नजर आता है. स्कूल के सामने ही डिस्पोजल सहित अन्य कचरे पड़े रहते हैं जिसे साफ नहीं किया जाता. सफाई होती भी है तो स्वीपर के द्वारा कचरा स्कूल के बगल में जला दिया जाता है, बचा हुआ कचरा फिर स्कूल परिसर में बिखरे रहते हैं. स्कूल परिसर में रोपे गये पौधों को भी असामाजिक तत्वों द्वारा उखाडक़र फेक दिया जा रहा है, ऐसी स्थिति में बच् चों की पढ़ाई कितनी बेहतर होगी अंदाजा लगाया जा सकता है.
शिक्षकों की लेट-लतीफी से वार्डवासी परेशान
गौरतलब है कि अमलीडीह स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षकों की लेट-लतीफी से वार्डवासी परेशान हैं. ग्रामीणों ने बताया कि यहां पदस्थ कुछ शिक्षक समय पर स्कूल पहुंच जाते हैं लेकिन एक-दो ऐसे शिक्षक हैं जो रोजाना एक-दो घंटे लेट से पहुंचते हैं जिसके कारण बच् चों की पढ़ाई छूट जाती है. एक-दो शिक्षकों के समय से नहीं पहुंचने पर अन्य शिक्षकों की परेशानी बढ़ जाती है और समय पर बच् चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है. इन शिक्षकों की लेट-लतीफी को लेकर हेड मास्टर के द्वारा भी उच् च अधिकारियों से शिकायत नहीं की जाती जिससे इन शिक्षकों के हौसले बुलंद हैं और रोजाना लेट से स्कूल पहुंच रहे हैं.
पिपरिया मिडिल स्कूल के डिस्मेंटल को लेकर शिक्षकों ने प्रस्ताव दिया है, प्रस्ताव नगर पालिका को प्रेषित कर दी गई है. रही बात शिक्षकों की लेट-लतीफी की तो शिकायत करने पर कार्यवाही की जायेगी.