
सत्यमेव न्यूज गंडईपंडरिया। प्रदेश किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच संघ अध्यक्ष रणजीत सिंह चंदेल ने सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को मिलने वाली खरीफ फसल ऋण सीमा में कटौती पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस फैसले को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर अन्नदाताओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। रणजीत सिंह चंदेल का कहना है कि पहले किसानों को रबी ऋण चुकाने के बाद खरीफ सीजन के लिए प्रति एकड़ 20 हजार रुपये से अधिक की ऋण राशि मिलती थी जबकि अब खरीफ और रबी दोनों को मिलाकर करीब 13,860 रुपये ही दिए जा रहे हैं। इससे किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है और खेती करना कठिन हो गया है। उन्होंने बताया कि बीज, खाद और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ऋण सीमा घटाना किसानों की कमर तोड़ने जैसा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस निर्णय को वापस ले और पहले की तरह प्रति एकड़ 20 हजार रुपये के हिसाब से ऋण उपलब्ध कराए। श्री चंदेल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद से किसानों को समय पर नकद बीज और खाद नहीं मिल पा रहा है। खाद की कमी के कारण फसलों के उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार की नीतियां अब सवालों के घेरे में हैं। हर्जाना राशि बढ़ाने के नाम पर ऋण में कटौती करना एक सोची-समझी रणनीति है। यदि जल्द ही ऋण सीमा नहीं बढ़ाई गई और खाद-बीज की समस्या दूर नहीं हुई तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
