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कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से बढ़ रहा खैरागढ़ में विवाद, कार्यकर्ताओं में भ्रम, शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग

सत्यमेव न्यूज के लिए मनोहर सेन खैरागढ़। कांग्रेस के मिशन संडे को लेकर जो खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा के मार्गदर्शन में जनहित में संचालित किया जा रहा है कांग्रेस संगठन और स्थानीय नेताओं के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप ने पार्टी की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि कपिनाथ महोबिया ने कहा है कि सार्वजनिक मंचों पर छींटाकशी और बयानबाजी से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बचना चाहिए क्योंकि इसका नकारात्मक असर सीधे कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ रहा है। श्री महोबिया ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास प्रारंभ से ही त्याग बलिदान और संघर्ष से भरा हुआ है। ऐसे में आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक करने के बजाय शीर्ष नेतृत्व के सामने रखकर समाधान तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने माना कि बीते दिनों मिशन संडे और जिला कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्षों के बीच हुई नोकझोंक ने कार्यकर्ताओं में अनावश्यक भ्रम और निराशा का माहौल पैदा किया है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के खिलाफ मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए आवश्यक है कि सभी धड़े अपने मतभेद भुलाकर एकजुट हों। व्यक्तिगत नाराजगी या गुटबाजी से केवल विरोधियों को लाभ मिलेगा। महोबिया ने प्रदेश और जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं से अपील की कि वे दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर विवाद का पटाक्षेप करें। उन्होंने कहा कि यह समय संगठन की मजबूती और जनता के मुद्दों पर संघर्ष का है न कि आपसी खींचतान का।

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