

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। हिंदी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार और खैरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की 132वीं जयंती बुधवार को नगर में श्रद्धा, स्वच्छता और सामाजिक सहभागिता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और पीएमश्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शाला परिवार के संयुक्त तत्वाधान में श्रमदान अपनी मातृभूमि के नाम अभियान चलाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राजा फतेह सिंह मैदान से हुई जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी, साहित्यप्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार, जनप्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए। सभी ने श्रमदान कर नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संदेश दिया। अभियान के दौरान लोगों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों के साथ जागरूकता रैली भी निकाली। इसके बाद सभी सहभागी पीएमश्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शाला पहुंचे जहां बख्शी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में प्राचार्य अनुराग सिंह ने स्वागत भाषण दिया वहीं स्वच्छता अभियान की रूपरेखा श्रीमती वंदना टांडेकर ने प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बख्शी जी का साहित्यिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

उन्होंने बताया कि उनकी जयंती पर भविष्य में विशेष सांस्कृतिक आयोजन के लिए संस्कृति विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। साथ ही प्रस्तावित नालंदा परिसर में बख्शी जी की रचनाओं के लिए विशेष कक्ष विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि बख्शी जी ने खैरागढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक पहचान दिलाई। उन्होंने नागरिकों को स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक रुपेश कुमार देवांगन ने किया वहीं आभार प्रदर्शन शाला विकास समिति अध्यक्ष शशांक ताम्रकार ने किया। आयोजन में बख्शी परिवार के सदस्य, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकार, साहित्यप्रेमी सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में मातृभूमि प्रेम, सामाजिक एकता और सेवा भावना का वातावरण देखने को मिला। नागरिकों ने भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
