
सत्यमेव न्यूज गातापार कला। विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर 8 सितंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गातापार कला में विधिक साक्षरता एवं कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साक्षरता के महत्व के साथ-साथ उनके कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा। मंथली प्लान ऑफ एक्शन के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के अध्यक्ष विजय कुमार होता के निर्देश तथा तालुक विधिक सेवा समिति खैरागढ़ की अध्यक्ष मोहनी कंवर और सचिव प्रीति नागवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में पैरा लीगल वालंटियर गोलूदास ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य समाज में साक्षरता के महत्व को रेखांकित करते हुए लोगों को अधिक न्यायपूर्ण शांतिपूर्ण और टिकाऊ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों कर्तव्यों और कानून की जानकारी हासिल करने में सक्षम बनाती है। शिविर में विद्यार्थियों को बताया गया कि साक्षरता प्रत्येक व्यक्ति का मूलभूत मानवाधिकार है। शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से व्यक्ति समानता गैर-भेदभाव न्याय कानून के शासन विविधता और सहिष्णुता जैसे मूल्यों को समझ सकता है। साक्षर समाज ही जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने कम से कम एक अशिक्षित व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लिया। शिविर में विद्यालय के प्राचार्य लूमेश कुमार साहू, सुषमा चौहान सहित शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।