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सर्पदंश से बचाव के लिए जिले में जागरूकता अभियान तेज

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। वर्षा ऋतु में बढ़ती सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए जिला केसीजी में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के लोगों को सर्पदंश से बचाव तथा समय पर उपचार के प्रति जागरूक कर रहा है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत किसानों, ग्रामीणों और वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बरसात के दिनों में खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले स्थानों पर सांपों की सक्रियता बढ़ जाती है। साथ ही सुरक्षित ठिकानों की तलाश में वे घरों और गोठानों तक पहुंच सकते हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि अधिकांश मामलों में खेतों में काम करने, झाड़ियों में बिना देखे हाथ डालने अथवा अंधेरे स्थानों पर असावधानी बरतने के कारण सर्पदंश की घटनाएं होती हैं। ऐसे में खेतों में कार्य करते समय गमबूट या ऊंचे जूते पहनना, झाड़ियों की पहले डंडे से जांच करना और रात के समय टॉर्च का उपयोग करना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास के क्षेत्रों की नियमित सफाई रखने, झाड़ियों तथा अनुपयोगी सामग्री के ढेर हटाने की अपील भी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में जमीन पर सोने से बचना चाहिए तथा बच्चों को भी फर्श पर न सुलाया जाए। रात में उठने पर पहले रोशनी जलाकर आसपास का निरीक्षण करना और जूते चप्पल पहनने से पहले उन्हें जांच लेना सुरक्षित आदत है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में घबराहट या अंधविश्वास की बजाय वैज्ञानिक उपचार अपनाना चाहिए। प्रभावित स्थान पर चीरा लगाना जहर चूसने का प्रयास करना रस्सी से कसकर बांधना या झाड़-फूंक कराना नुकसानदायक हो सकता है। पीड़ित को शांत रखते हुए तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना सबसे आवश्यक कदम है। आपातकालीन स्थिति में 108 या 112 नंबर पर कॉल कर निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा प्राप्त की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश उपचार के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा दल और पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, मितानिनों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे सर्पदंश से बचाव संबंधी जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि जागरूकता और समय पर उपचार के माध्यम से जान माल की हानि रोकी जा सके।

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