
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। नवाचारी गतिविधियाँ समूह भारत द्वारा “राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह राष्ट्रीय शैक्षिक संप्रवाह 2025-26” का भव्य आयोजन रायपुर स्थित स्वामी आत्मानंद प्रो.जे.एन. पांडेय शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से चयनित 160 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शैक्षिक नवाचार और विद्यार्थियों के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। खैरागढ़ जिले से बलिराम वर्मा प्रधान पाठक प्राथमिक शाला सहसपुर और जया परिहार प्रधान पाठक बेलगांव को शिक्षा में नवाचार और बच्चों के हित में किए गए सतत कार्यों के लिए सम्मान मिला। वहीं शिवांगी पसीने को समूह में सक्रिय सहयोग के लिए तथा गुणाराम चंदेल को नवोदय विद्यालय में प्रवेश हेतु किए गए सफल प्रयासों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अन्य राज्यों के शिक्षकों की लाइव प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की गईं जो मुख्य आकर्षण रहीं। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित शिक्षकों को उनके सम्मान पूर्व में डाक के माध्यम से प्रेषित किए जा चुके थे। इस अवसर पर अतिथि के रूप में डॉ.बी. रघु उप सचिव, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, ए.के. सारस्वत उप संचालक, समग्र शिक्षा रायपुर, हिमांशु भारती जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर, अरुण कुमार शर्मा डीएमसी, रायपुर और सुचिता पांडेय प्राचार्य, सेजेस हिंदी माध्यम रायपुर उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रदेशभर से आए शिक्षकों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। समारोह के सफल आयोजन में समूह प्रमुख संजीव कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में राज्य एवं जिला टीम का विशेष योगदान रहा। राज्य एडमिन सुनीता सिंह ठाकुर और जिला एडमिन राजेश प्रजापति सहित पूरी टीम ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कड़े चयन के बाद हुआ सम्मान
समूह द्वारा बताया गया कि इस सम्मान के लिए देशभर से 700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए जिनमें छत्तीसगढ़ से ही 400 से अधिक नामांकन थे। ऑनलाइन आवेदन के बाद चयन समिति ने दस्तावेजों की जांच साक्षात्कार और क्रॉस-वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर अंतिम सूची जारी की। चयनित शिक्षकों ने जमीनी स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किए हैं। नवाचारी गतिविधियाँ समूह भारत से जुड़े सभी सदस्य शासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक हैं जो स्वप्रेरणा से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं। वर्ष 2017 से सक्रिय यह समूह शिक्षकों के नवाचारों को मंच प्रदान करने के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से उनके कार्यों का प्रचार प्रसार भी करता आ रहा है। पिछले कई वर्षों से यह सम्मान समारोह शिक्षकों के सहयोग से ही आयोजित किया जा रहा है।
