
जनक देवांगन बने क्षेत्र के किसानों के लिए मिसाल
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। जिले के गंडई विकासखंड अंतर्गत टिकरीपारा निवासी किसान जनक देवांगन ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग कर खेती में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण उनकी खेती आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई है। जनक देवांगन करीब पांच एकड़ भूमि पर खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से खेती का खर्च लगातार बढ़ रहा था जबकि उत्पादन अपेक्षित स्तर पर नहीं मिल रहा था। कृषि विभाग से मिली जानकारी और तकनीकी सलाह के बाद उन्होंने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रयोग शुरू किया। उनका कहना है कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व प्रभावी ढंग से प्राप्त होते हैं जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और उपज की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलता है। साथ ही रासायनिक उर्वरकों की खपत कम होने से खेती की लागत में भी कमी आई है। जनक देवांगन के अनुसार नैनो उर्वरकों की छोटी पैकिंग किसानों के लिए सुविधाजनक है। इन्हें खेत तक ले जाना और फसलों पर छिड़काव करना आसान होता है। पिछले एक वर्ष से विभिन्न फसलों में इनके नियमित उपयोग से उन्हें सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों और नवीन कृषि उत्पादों के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि तकनीक आधारित खेती अपनाकर किसान कम खर्च में बेहतर उत्पादन और अधिक आय अर्जित कर सकते हैं।


