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निवेश को गति देने पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग और बायो-सीएनजी पर फोकस

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में निवेश को बढ़ावा देने, नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की चौथी बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, बायो-सीएनजी, कृषि आधारित उद्योगों तथा उद्यमिता विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की फाइव स्टार हाइजीन रेटिंग प्राप्त करने वाले जिले के तीन प्रतिष्ठानों काशवी एंटरप्राइजेज (खैरागढ़), नटराज होटल (नर्मदा) और जैन फूड्स (छुईखदान) को सम्मानित कर की गई। कलेक्टर ने प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के उच्च मानकों का पालन करने पर बधाई दी। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक प्रणय बघेल ने समिति के समक्ष विभिन्न एजेंडा बिंदुओं की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा कर प्रतिवेदन राज्य स्तर पर भेजा जाएगा वहीं ग्राम महरूमकला में प्रस्तावित औद्योगिक इकाई की स्थापना संबंधी प्रक्रिया राज्य स्तर पर प्रगति पर है।बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सितंबर 2027 तक जिले को 10 प्रकरणों का लक्ष्य मिला है जिनमें से दो प्रकरण बैंकों को भेजे जा चुके हैं। शेष लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े स्व-सहायता समूहों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया।बैठक के दौरान उद्यमियों ने जिले में निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इनमें बकरकट्टा क्षेत्र में अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज की स्थापना, ऑटो एवं ट्रैक्टर सर्विस सेंटर, कृषि उपकरण निर्माण इकाई, पराली से ब्रिकेट निर्माण तथा कोदो प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना प्रमुख रही। उद्यमियों ने राइस मिलों एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी बताई। इस पर कलेक्टर ने कौशल विकास विभाग के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए।उद्यमी आरिफ मेमन ने जिले में बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग तीन एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई। इस पर कलेक्टर ने उपयुक्त भूमि का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक के समापन पर कलेक्टर ने उद्योग विभाग को जिले में मिनी मॉल की स्थापना की संभावनाओं का परीक्षण करने तथा बुनकर समितियों के उत्पादों के मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और विपणन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में निवेश, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए समन्वित प्रयास किए जाएं।

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