
भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और महिला आरक्षण पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने
बैठक में कांग्रेस-भाजपा के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। खैरागढ़ नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठक भारी हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक टकराव के बीच संपन्न हुई। महिला आरक्षण से जुड़े नारी वंदन प्रस्ताव, कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने सदन का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया। नारी वंदन प्रस्ताव पर गरमाया माहौल
बैठक के दौरान विधायक प्रतिनिधि व खैरागढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनराखन देवांगन ने नारी वंदन अधिनियम को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण संबंधी प्रस्ताव पहले ही संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है ऐसे में इसे राजनीतिक लाभ के लिए प्रचारित किया जा रहा है। इस पर भाजपा पार्षदों खास तौर पर विनय देवांगन ने कांग्रेस पर महिलाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया। जवाब में कांग्रेस पार्षदों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।

भ्रष्टाचार और भुगतान अनियमितताओं के लगे आरोप
कांग्रेस पार्षद दिलीप लहरे ने आरोप लगाया कि बिना शौचालय निर्माण के करीब 8.60 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीसी रोड निर्माण कार्य पूरा हुए बिना लगभग 19 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने कहा कि शहर के चार तालाबों के सौंदर्यीकरण संबंधी जानकारी मांगने के बावजूद अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि मामले की शिकायत नगरीय प्रशासन विभाग और संबंधित अधिकारियों से की जाएगी। सत्ता पक्ष ने आरोपों को बताया राजनीतिक स्टंट भाजपा पार्षदों ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर पालिका के सभी कार्य पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के विरोध को राजनीतिक स्टंट बताया।
तख्तियां लेकर पालिका पहुंचे कांग्रेस पार्षद
बैठक शुरू होने से पहले कांग्रेस पार्षद हाथों में तख्तियां लेकर सदन पहुंचे। तख्तियों पर “कमीशनखोरी बंद करो” और “भ्रष्टाचार बंद करो” जैसे नारे लिखे थे। नारेबाजी के कारण कुछ समय के लिए बैठक की कार्यवाही प्रभावित रही। पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्य बिंदुओं की बात की जाए तो नारी वंदन प्रस्ताव पर सत्ता-विपक्ष में तीखी बहस देखने को मिली वहीं भ्रष्टाचार और भुगतान अनियमितताओं के आरोप खुलकर सामने आए। कांग्रेस पार्षदों ने अपना विरोध प्रदर्शन जाहिर करते हुए तख्तियां दिखाकर प्रदर्शन किया जिससे नगर पालिका का माहौल गरमा गया। दूसरी ओर पालिका की सत्ता में काबिज भाजपा ने आरोपों को केवल राजनीतिक स्टंट बताया। इस दौरान हंगामे के बीच कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया और पालिका परिसर का राजनीतिक तापमान बढ़ गया। गौर करें कि नगर पालिका परिषद की यह बैठक स्थानीय राजनीति का केंद्र बन गई। बता दे कि इसी साल के अंत दिसंबर महीने में खैरागढ़ नगर पालिका परिषद के चुनाव होने हैं ऐसे में भाजपा हो या कांग्रेस किसी भी मुद्दे को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता दिखाने की कोशिश में है वहीं ताज घटनाक्रम में महिला आरक्षण, विकास कार्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर टकराव ने आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी गरमा दिया है।
