
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में एनकॉर्ड की जिला स्तरीय बैठक आयोजित
ड्रग फ्री कैंपस बनाने और मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच के निर्देश
खैरागढ़। जिले में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनकॉर्ड (NCORD) समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्य शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन एवं वितरण पर प्रभावी नियंत्रण, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और शैक्षणिक संस्थानों में नशामुक्त वातावरण तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है बल्कि जनजागरूकता, शिक्षा और समाज की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ नशामुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि समाज में नशे के विरुद्ध सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके।
शैक्षणिक संस्थानों को नशामुक्त परिसर बनाने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में ड्रग फ्री कैंपस की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे में परिसर को नशामुक्त बनाए रखने के लिए संस्था प्रमुखों और शिक्षकों को विशेष जिम्मेदारी निभानी होगी। विद्यार्थियों के बीच नियमित जागरूकता कार्यक्रम, परिचर्चा, शपथ ग्रहण समारोह और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित कर उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए और विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देना जरूरी है ताकि वे सही निर्णय लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। इसके लिए शिक्षा विभाग और संबंधित संस्थानों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग और परामर्श व्यवस्था पर जोर
कलेक्टर ने शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग संबंधी आवश्यक कार्रवाई निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को समन्वय स्थापित कर आवश्यक जांच और परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए साथ ही इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों की गोपनीयता, गरिमा और संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित विद्यार्थियों को समय पर उचित मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराई जा सके।*
खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने की पहल
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए कलेक्टर ने खेलकूद प्रतियोगिताओं, जनजागरूकता रैलियों, निबंध लेखन, चित्रकला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेलकूद से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली विकसित होती है। सकारात्मक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में मदद मिल सकती है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने और अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच, अनियमितता मिलने पर कार्रवाई
बैठक में जिले के मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच और निगरानी को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दवाओं के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेखों, चिकित्सकीय पर्चियों तथा निर्धारित नियमों के पालन की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के प्रतिबंधित या नियंत्रित नशीली दवाओं की बिक्री अथवा अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी आवश्यक है। इस दिशा में संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करें।
विभागीय समन्वय से प्रभावी होगी नशे के विरुद्ध कार्रवाई
बैठक में पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा की उपस्थिति में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन और वितरण पर रोक लगाने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान और निगरानी संबंधी गतिविधियां निरंतर संचालित की जाएं। साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों, शैक्षणिक संस्थानों और समाज के विभिन्न वर्गों को नशामुक्ति अभियान से जोड़कर सामूहिक प्रयासों को मजबूत किया जाए। कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने कहा कि नशामुक्त जिले का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। जनजागरूकता, नियमित निगरानी और नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से युवाओं को नशे से बचाने के साथ उनके लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करना आवश्यक है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल, अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर सहित संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।