
घटना के बाद बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप
पिपलाकछार में दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों का विद्युत वितरण केंद्र पर प्रदर्शन

मुआवजा, बेहतर इलाज और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिला मुख्यालय खैरागढ़ से लगे ग्राम पिपलाकछार में शुक्रवार 10 जुलाई को धान की रोपाई के दौरान करंट उतरने से एक खेत मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विद्युत वितरण केंद्र पहुंचकर बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, घायलों के समुचित उपचार और दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जानकारी अनुसार ग्राम पिपलाकछार में शुक्रवार को धान की रोपाई का कार्य चल रहा था। खेत में पानी भरा होने के दौरान ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन का टूटा हुआ तार अचानक खेत में गिर गया। देखते ही देखते पूरे खेत में करंट फैल गया और उसकी चपेट में आने से खेत मजदूर धनसाय पटेल की मौके पर ही मौत हो गई वहीं चंपा साहू और सीमनदास साहू गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने सामर्थ्य दिखाकर घायलों को खेत से बाहर निकाला और सिविल अस्पताल खैरागढ़ पहुंचाया जहां दोनों का उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।

दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर
दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है और विद्युत विभाग पर उनका गुस्सा फूट पड़ा है। गौरतलब हो कि बड़ी संख्या में लोग पांडादाह स्थित विद्युत वितरण केंद्र पहुंचे और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित बिजली लाइन का तार लंबे समय से क्षतिग्रस्त था तथा इसकी शिकायत लगभग दो माह पहले विभागीय अधिकारियों को की गई थी। इसके बावजूद समय पर मरम्मत नहीं कराई गई जिसका खामियाजा एक मजदूर को अपनी जान देकर और दो लोगों को गंभीर रूप से घायल होकर भुगतना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी अनिल शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया वहीं पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों ने दी है आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मृतक के परिजनों को शीघ्र उचित मुआवजा, घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि बिजली विभाग की लापरवाही पर सीधी कार्यवाही होनी चाहिये और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिये। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल कार्रवाई करते हुए मृतक मजदूर के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक मुआवजा और सरकारी सहायता देने। गंभीर रूप से घायल दोनों मजदूरों का बेहतर चिकित्सा संस्थान में समुचित उपचार कराने। क्षतिग्रस्त बिजली लाइन की शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं कराने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध शीघ्र कानूनी कार्रवाई करने तथा क्षेत्र की जर्जर विद्युत लाइनों का तत्काल सर्वे कर आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस दुःखद घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है और घटना की जांच-समीक्षा भी शुरू कर दी गई। जांच उपरांत विभागीय दोष अगर निरोपित हुआ तो दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।