
65 से अधिक समूहों की भागीदारी से फतेह मैदान में उमड़ा जनसैलाब
लगातार 22वें वर्ष आयोजित हो रहा रास गरबा महोत्सव बना खैरागढ़ का नया ट्रेडिंशन
खैरागढ़। संगीत नगरी खैरागढ़ में नगर दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रास गरबा महोत्सव ने सांस्कृतिक उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ शहर को उत्सवमय बना दिया है। मंगलवार रात फतेह मैदान में महोत्सव का शुभारंभ हुआ जहां पहले दिन खैरागढ़ शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के 65 से अधिक समूहों के दो हजार से अधिक प्रतिभागियों ने गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक वेशभूषा, गुजराती लोकधुनों और गरबा की लय पर थिरकते प्रतिभागियों के उत्साह ने आयोजन परिसर में आकर्षक समां बांध दिया।लगातार 22वें वर्ष आयोजित हो रहा यह महोत्सव अब खैरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। मिनी, जूनियर, सीनियर और ओपन वर्ग में प्रतिभागियों की भागीदारी ने आयोजन को बहुआयामी स्वरूप दिया है। नन्हे बच्चों से लेकर युवाओं और विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी कला और हुनर का प्रदर्शन किया। पहले और दूसरे दिन फतेह मैदान परिसर में देर रात तक दर्शकों की आवाजाही बनी रही और पूरा मैदान गरबा की रंगीन छटा से सराबोर नजर आया।गरबा की प्रस्तुतियों में दिखी देश की सांस्कृतिक विविधतामहोत्सव में प्रतिभागियों की आकर्षक वेशभूषा और पारंपरिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। गरबा के माध्यम से भारतीय लोक संस्कृति की विविधता देखने को मिली। दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक से लेकर पंजाब, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश तथा सिक्किम तक की सांस्कृतिक झलक ने आयोजन को विशेष रंग दिया। अलग-अलग आयु वर्ग के प्रतिभागियों की सामूहिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
सांसद सहित जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर सांसद संतोष पांडेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गिरिजा नंद चंद्राकर, आयश सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्षद और आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन की सराहना की। सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। इनके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के लोग एक मंच पर आकर भारतीय संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का उत्सव मनाते हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि खैरागढ़ में 22 वर्षों से आयोजित हो रहा गरबा महोत्सव अब बहुरंगी सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुका है। यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ लोगों के बीच आपसी मेलजोल और उत्साह का वातावरण निर्मित कर रहा है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का हुआ सम्मान
महोत्सव के पहले दिन विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। जूनियर वर्ग में मास्टर इव और बेबी मिस इव के लिए जानवी बिसेन, जबकि सीनियर वर्ग में मिस्टर इव के लिए मानव झलानी तथा मिस इव के लिए ग्रीसा खुरसिया को सम्मान मिला। सम्मानित प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। नगर दशहरा उत्सव समिति के इस आयोजन में प्रतिभागियों और दर्शकों की बड़ी भागीदारी ने खैरागढ़ की सांस्कृतिक जीवंतता को एक बार फिर सामने रखा है। महोत्सव के अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
22 साल से कायम है गरबा की अनवरत परंपरा
खैरागढ़ में नगर दशहरा उत्सव समिति द्वारा लगातार 22वें वर्ष रास गरबा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। समय के साथ यह आयोजन केवल गरबा तक सीमित नहीं रहा बल्कि विभिन्न आयु वर्ग और क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने वाला सांस्कृतिक मंच बन गया है। दो हजार से अधिक प्रतिभागियों और 65 से ज्यादा समूहों की भागीदारी इसकी व्यापक लोकप्रियता को दर्शाती है।
आकर्षण का केंद्र रहे सम्मानित प्रतिभागी
महोत्सव के पहले दिन विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया जिसमें जूनियर वर्ग से मास्टर इव कविश जैन, बेबी मिस इव जानवी बिसेन, सीनियर वर्ग से मिस्टर इव मानव झलानी व मिस इव ग्रीसा खुरसिया को सम्मानित किया गया।
आज अंतिम दिन, समापन पर रहेंगी निगाहें
तीन दिवसीय रास गरबा महोत्सव का समापन आज शुक्रवार 16 अक्टूबर को होगा। पहले दो दिनों में प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और दर्शकों की मौजूदगी के बाद अंतिम दिन भी आयोजन में अच्छी भीड़ जुटने की उम्मीद है। नगर दशहरा उत्सव समिति का यह आयोजन असल मायनों में खैरागढ़ की नई सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।


