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खैरागढ़ जिले में विकास असंतुलन पर उठने लगे सवाल

सत्यमेव न्यूज छुईखदान। खैरागढ़ छुईखदान और गंडई को मिलाकर बनाए गए नए जिले से क्षेत्र की जनता को संतुलित विकास की उम्मीद थी लेकिन समय के साथ यह उम्मीद कमजोर पड़ती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला बनने के बाद अधिकांश विकास कार्य और प्रशासनिक सुविधाएं खैरागढ़ तक ही सीमित रह गई हैं जबकि छुईखदान और गंडई क्षेत्र अपेक्षित विकास से वंचित दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिला मुख्यालय खैरागढ़ में होने के कारण छुईखदान और गंडई के लोगों को छोटे छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उनका मानना है कि जिला बनने के बाद प्रशासनिक सुविधाएं बढ़ने के बजाय कई मामलों में लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार सरकारी कार्यालयों स्वास्थ्य सुविधाओं शिक्षा संस्थानों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार मुख्यतः खैरागढ़ में ही हुआ है। वहीं छुईखदान और गंडई क्षेत्र में अब भी कई मूलभूत सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही है। कई ग्रामीण इलाकों में सड़क पेयजल स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा व्यवस्था जैसी बुनियादी आवश्यकताएं पूरी तरह सुदृढ़ नहीं हो पाई हैं। लोगों का यह भी कहना है कि विकास कार्यों और बजट के वितरण में संतुलन का अभाव दिखाई देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कें जर्जर स्थिति में हैं और अस्पतालों में पर्याप्त संसाधनों की कमी बनी हुई है। इसके कारण सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों का मानना है कि यदि विकास योजनाओं का संतुलित क्रियान्वयन किया जाए और प्रशासनिक संस्थानों का विस्तार छुईखदान व गंडई में भी किया जाए तो इससे क्षेत्र की जनता को बड़ी राहत मिल सकती है और जिले का समग्र विकास संभव हो सकेगा। इधर इस मुद्दे का असर स्थानीय राजनीति पर भी दिखाई देने लगा है। आम लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक समान रूप से नहीं पहुंचा तो इसका असर आगामी विधानसभा चुनावों में देखने को मिल सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि पारंपरिक राजनीतिक दलों से जनता की नाराजगी बढ़ रही है और आने वाले समय में कोई मजबूत निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि छुईखदान और गंडई क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उनका कहना है कि तीनों क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है ताकि जिले के सभी हिस्सों को समान अवसर और सुविधाएं मिल सकें।

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