
सत्यमेव न्यूज गंडईपंडरिया। खरीफ सीजन से पहले सहकारी समितियों में खाद वितरण सीमा कम किए जाने के फैसले का क्षेत्र में विरोध शुरू हो गया है। पूर्व सरपंच संघ अध्यक्ष और किसान नेता रणजीत सिंह चंदेल ने सरकार के इस निर्णय को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि इससे किसानों की परेशानी और बढ़ेगी तथा निजी दुकानों को लाभ मिलेगा। रणजीत चंदेल ने कहा कि अब कृषि ऋण व्यवस्था में किसानों को अधिक राशि नकद और कम हिस्सा खाद बीज के रूप में दिया जाएगा। उनका आरोप है कि सहकारी समितियों में उर्वरकों की उपलब्धता कम होने से किसान निजी दुकानों पर महंगे दामों में खाद खरीदने को मजबूर होंगे। उन्होंने आशंका जताई कि इससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा और खेती की लागत बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि यूरिया डीएपी और पोटाश जैसी जरूरी खादों की कीमतें पहले से किसानों पर बोझ बढ़ा रही हैं। ऐसे में समितियों में पर्याप्त स्टॉक नहीं होने पर किसानों को बाजार से ऊंचे दाम पर खाद खरीदनी पड़ेगी। साथ ही अमानक उर्वरकों की बिक्री बढ़ने का खतरा भी रहेगा जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो सकती है। किसान नेता ने सरकार से मांग की है कि पूर्व व्यवस्था के अनुसार खाद वितरण अनुपात को फिर से लागू किया जाए और खरीफ सीजन शुरू होने से पहले सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर किसान एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।
