छत्तीसगढ़

मानपुर नाका (दौजरी) के जंगलों में लगी भीषण आग

सत्यमेव न्यूज गंडई पंडरिया। गंडई नगर से लगे वनांचल क्षेत्र में बुधवार रात एक बड़ी आगजनी की घटना सामने आयी है। गंडई क्षेत्र के अंतर्गत मानपुर नाका (दौजरी) के जंगलों में रात लगभग 8:30 बजे अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची लपटों और आसमान में उठते धुएं के गुबार ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया। जानकारी अनुसार वन क्षेत्र में बड़ी मात्रा में सूखी पत्तियां बिखरी हुई थीं। भीषण गर्मी और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग का प्रभाव इतना व्यापक था कि इसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। विभागीय कर्मचारियों एवं ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक आकलन के अनुसार आग से लगभग 3 से 4 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आग लगने का संभावित कारण किसानों द्वारा खेतों की सफाई के बाद लगाई गई आग हो सकती है जिसकी लपटें जंगल तक पहुंच गई। आग की चपेट में आने से क्षेत्र के छोटे पौधे, प्राकृतिक वनस्पतियां तथा कई प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटियां नष्ट हो गई। यह घटना वन क्षेत्र के दौजरी परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक पी-3 में हुई। वन विभाग के एसडीओ एएल खूंटे ने बताया कि रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच जंगल में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही विभागीय अमला घटनास्थल पर पहुंचा और ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में खेतों की सफाई या अतिक्रमण से जुड़े कारणों के चलते आग लगने की आशंका व्यक्त की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वन क्षेत्रों में लगातार हो रही कटाई तथा मानवीय लापरवाही के कारण इस प्रकार की घटनाएं बढ़ रही हैं। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। वन संपदा, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए आमजन में जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों आवश्यक हैं।

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