
जनपद पंचायत छुईखदान में प्रशासनिक ढिलाई उजागर
खैरागढ़. जनपद पंचायत छुईखदान के विवादित बजट मामले में अब प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उपसंचालक पंचायत कार्यालय द्वारा 02 मार्च 2026 को जारी पत्र के माध्यम से मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को 5 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद उपसंचालक कार्यालय ने 17 मार्च 2026 को स्मरण पत्र जारी कर 3 दिवस के भीतर जवाब देने के लिए पुनः निर्देशित किया है। बावजूद इसके अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होने से प्रशासनिक उदासीनता सामने आ रही है। यह पूरा मामला उस विवादित सामान्य प्रशासन समिति की बैठक से जुड़ा है जिसमें कथित रूप से बिना विधिवत सूचना दिए 2-3 वर्षों का बजट एकमुश्त पारित कर दिया गया था। सभापति सुधीर गोलछा ने इस बैठक को नियम विरुद्ध बताते हुए पहले ही शिकायत दर्ज कराई थी और बैठक की कार्यवाही को शून्य घोषित करने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति के सदस्य होने के बावजूद उन्हें बैठक की सूचना नहीं दी गई जिससे वे अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं करा सके। इसके बाद उपसंचालक ने मामले को गंभीर मानते हुए सीईओ से जवाब तलब किया लेकिन जवाब न देना अब नए विवाद को जन्म दे रहा है। इस बीच गोलछा ने भी उपसंचालक को पत्र लिखकर पूछा है कि यदि सीईओ ने जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने इसे प्रशासनिक निर्देशों की खुली अवहेलना बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गोलछा का कहना है कि बिना सूचना बैठक आयोजित करना पंचायती राज अधिनियम का उल्लंघन है और इससे जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन हुआ है। श्री गोलछा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक तृतीय श्रेणी अधिकारी जो सीईओ के पद पर पदस्थ है वह अपने उच्च अधिकारी जो उपसंचालक (द्वितीय श्रेणी ) के आदेशों को नजरअंदाज कर रहा है। उनके पत्रों का जवाब तक नहीं दिया जा रहा है यह जिला प्रशासन की लाचार व्यवस्था को दर्शाता है। इससे साफ है कि निचले स्तर के अधिकारियों के हौसले कितने बढ़ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो मामला उच्च स्तर और न्यायालय तक ले जाया जाएगा। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने जनपद पंचायत छुईखदान में प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उपसंचालक गीत कुमार सिन्हा ने बताया कि अभी तक जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से कोई जवाब नहीं आया है।
