
मूलभूत सुविधाओं के विकास को मिलेगी गति
पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले की ग्राम पंचायतों को मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 15वें वित्त आयोग की आबद्ध निधि की राशि जारी कर दी गई है। यह राशि जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के विशेष प्रयासों से स्वीकृत हुई है। इससे आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल सहित अन्य आवश्यक विकास कार्यों को समय पर पूर्ण करने में ग्राम पंचायतों को बड़ी राहत मिलेगी। पेयजल व बुनियादी कार्यों को मिलेगी मजबूती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जारी की गई राशि से ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, मरम्मत कार्य तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति मिलेगी। गर्मी के मौसम में जल संकट की संभावनाओं को देखते हुए यह राशि पंचायतों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। पूर्व में भी जारी हो चुकी हैं किश्तें गौरतलब है कि इससे पूर्व दीपावली पर्व के अवसर पर मूलभूत योजना की प्रथम किश्त ग्राम पंचायतों को प्रदान की गई थी। वहीं, बीते माह दूसरी किश्त की राशि भी पंचायतों को भेजी जा चुकी है। इन निधियों के माध्यम से कई पंचायतों में आवश्यक विकास कार्य पहले से ही प्रारंभ हो चुके हैं। पंचायतों की मांग पर मिली स्वीकृति ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा लंबे समय से 15वें वित्त की राशि जारी करने की मांग की जा रही थी। अब राशि स्वीकृत होने के बाद खैरागढ़–छुईखदान–गंडई जिले के पंचायत प्रतिनिधियों में उत्साह और हर्ष का माहौल है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इससे रुके हुए विकास कार्यों को पुनः गति मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार राशि जारी होने पर ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडे के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि शासन की सकारात्मक सोच और सहयोग से ग्रामीण विकास को निरंतर मजबूती मिल रही है। सरकार ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध – विक्रांत सिंह इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार एवं केंद्र सरकार के सहयोग से ग्राम पंचायतों के विकास हेतु समय-समय पर आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है और विकास कार्यों की स्वीकृतियां निरंतर मिल रही हैं।

