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जिले के स्थानीय उत्पाद पहुंचेंगे वैश्विक बाजार तक, जिपं में हुई निर्यात कार्यशाला में मिला मार्गदर्शन

खैरागढ़। स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने तथा जिले में निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कृषि विकास सहकारी समिति, रायपुर के माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला में जिले के 31 व्यापारियों, उद्यमियों और स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को निर्यात की प्रक्रिया, आवश्यक पंजीयन, प्रमाणपत्रों और उत्पादों की गुणवत्ता व पैकेजिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यशाला में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल ने उद्यमियों को जिले में उपलब्ध उत्पादों के निर्यात की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राजस्थान और पंजाब के उद्योगों का उदाहरण देते हुए कहा कि बेहतर योजना, उद्यमशीलता और निरंतर प्रयासों से व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में खाद्य उत्पादों और खनिज संसाधनों की पर्याप्त संभावनाएं हैं। स्थानीय उद्यमियों को इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए उत्पादन और विपणन के नए अवसर तलाशने चाहिए।एपीडा (APEDA) के प्रतिनिधि अशोक कुमार बोरा ने निर्यात के लिए आवश्यक पंजीयन, आयात-निर्यात कोड (आईईसी), पंजीकरण-सह-सदस्यता प्रमाणपत्र (आरसीएमसी) सहित अन्य जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी और बाजार की मांग के अनुरूप तैयारी से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के अवसर बढ़ सकते हैं।इस अवसर पर रसना बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के संचालक एवं जिले के उद्यमी अनंत चोपड़ा ने उद्यम स्थापना, संचालन और व्यवसाय विस्तार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने व्यावसायिक अनुभवों के माध्यम से प्रतिभागियों को उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया।जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक प्रणय कुमार बघेल ने कहा कि निर्यात के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को साकार करने के लिए अभी से तैयारी शुरू करना जरूरी है। उद्यमियों को उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और बाजार की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि उनके उत्पाद निर्यात के मानकों के अनुरूप तैयार हो सकें। उन्होंने जिले के स्थानीय उद्यमों को निर्यात प्रक्रिया से जोड़ने और उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने पर जोर दिया। कार्यशाला में चैंबर ऑफ कॉमर्स खैरागढ़ के समन्वयक गुलाब चोपड़ा, उद्यमी अनंत चोपड़ा, पार्तिका महोबिया, मनीषा फटोनी, उत्तम दशारिया, स्वर्ण उपज एफपीसी तथा स्व-सहायता समूहों की प्रतिनिधि सुनीता वर्मा सहित जिले के व्यापारी और उद्यमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक प्रणय कुमार बघेल ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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