
सत्यमेव न्यूज़ राजनांदगांव। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की हत्या पर अखिल भारत अनुसूचित जाति परिषद के प्रदेश अध्यक्ष पंकज बांधव ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए स्थायी राहत की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता के साथ-साथ दोनों परिवारों के एक-एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाना चाहिए। पंकज बांधव ने कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में गए श्रमिकों को आतंकवाद का शिकार बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता के विरुद्ध है। उन्होंने इस घटना को पूरे देश को झकझोर देने वाला बताते हुए दोषियों के खिलाफ शीघ्र और कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों श्रमिकों के पार्थिव शरीर उनके गृह राज्य नहीं पहुंच पाने और परिजनों के अंतिम दर्शन नहीं हो पाने की स्थिति अत्यंत पीड़ादायक रही। भविष्य में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हों इसके लिए राज्य सरकार को स्पष्ट कार्यप्रणाली और त्वरित समन्वय तंत्र विकसित करना चाहिए ताकि किसी भी प्रवासी श्रमिक का पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उसके गृहग्राम तक पहुंचाया जा सके। बांधव ने कहा कि दूसरे राज्यों में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र और राज्य सरकारों की साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए श्रमिकों का व्यवस्थित पंजीयन सुरक्षा व्यवस्था आपातकालीन सहायता और संकट के समय त्वरित समन्वय की प्रभावी नीति लागू की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि अखिल भारत अनुसूचित जाति परिषद का प्रतिनिधिमंडल राजनांदगांव कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेगा। ज्ञापन में कुलगाम हमले के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई पीड़ित परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी सम्मानजनक पुनर्वास पार्थिव शरीर को गृहग्राम तक पहुंचाने की व्यवस्था तथा प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करने की मांग की जाएगी। इन मांगों के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग को भी पत्र भेजकर आवश्यक हस्तक्षेप का आग्रह किया जाएगा। पंकज बांधव ने दिवंगत श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि परिषद पीड़ित परिवारों को न्याय सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्वास दिलाने के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।




