किसान नेताओं पर श्री सीमेंट विरोध से हटने का दबाव, किसान नेता को परिवार समेत जान से मारने की धमकी

फोन पर गाली-गलौज और आंदोलन से अलग रहने की कथित धमकी
ग्रामीणों ने छुईखदान थाने पहुंचकर मांगी सुरक्षा
3-4 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो 300-400 ग्रामीणों के साथ थाना घेराव की चेतावनी
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। श्री सीमेंट फैक्ट्री स्थापना और चूना पत्थर खनन परियोजना के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के बीच एक किसान नेता को कथित तौर पर आंदोलन से हटने के लिए धमकाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। किसान अधिकार संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष वीरेंद्र जंघेल ने विचारपुर निवासी एक व्यक्ति पर फोन पर गाली-गलौज करने तथा आंदोलन से अलग नहीं होने पर उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद किसान अधिकार संघर्ष समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शनिवार को छुईखदान थाना पहुंचे तथा थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की। 10 से 15 बार फोन करने का आरोप पुलिस को सौंपे गए आवेदन के अनुसार विचारपुर निवासी वीरेंद्र जंघेल पिता कामता जंघेल किसान अधिकार संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष हैं और दनिया-अतरिया-हनईबन-उदयपुर सहित आसपास के गांवों में प्रस्तावित श्री सीमेंट फैक्ट्री एवं चूना पत्थर खनन परियोजना के विरोध में चल रहे आंदोलन से जुड़े हैं।
शिकायत में वीरेंद्र जंघेल ने आरोप लगाया है कि 29 मई 2026 की शाम करीब 6:30 बजे विचारपुर निवासी राजेश जंघेल पिता इंदरमन जंघेल ने उनके मोबाइल पर करीब 10 से 15 बार फोन किया। आरोप है कि बातचीत के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और किसान अधिकार संघर्ष समिति तथा सीमेंट फैक्ट्री-खनन परियोजना के विरोध में चल रहे आंदोलन से दूर रहने के लिए दबाव बनाया गया।
आंदोलन नहीं छोड़ा तो परिवार समेत जान से मारने की धमकी का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि फोन पर उन्हें कथित तौर पर चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने आंदोलन और समिति से खुद को अलग नहीं किया तो घर में घुसकर उन्हें तथा उनके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस कथित धमकी के बाद जंघेल का परिवार भयभीत है। वीरेंद्र जंघेल ने पुलिस को बताया है कि घटना से संबंधित कॉल डिटेल और मोबाइल में उपलब्ध रिकॉर्ड जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस से इन साक्ष्यों की जांच कर मामले की वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।
धमकी के बाद परिवार में भय, सुरक्षा की गुहार
शिकायत में कहा गया है कि कथित धमकी के बाद परिवार के सदस्यों में भय का माहौल है और उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से अपनी तथा परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निवारक कदम उठाने और मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। बहरहाल किसान आंदोलन से जुड़े इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में चल रहे श्री सीमेंट विरोध को लेकर तनाव को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि आंदोलन से जुड़े किसी व्यक्ति को धमकी दिए जाने की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पुलिस को शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो थाना घेराव की चेतावनी
मामले को लेकर किसान अधिकार संघर्ष समिति ने पुलिस प्रशासन को समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि 3 से 4 दिनों के भीतर शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। समिति ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में करीब 300 से 400 ग्रामीण छुईखदान थाना पहुंचकर थाना घेराव कर सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में मामला और तूल पकड़ने की संभावना है।
एफआईआर, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में शिकायतकर्ता ने मामले में कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज करने, कॉल रिकॉर्ड सहित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने और निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही दर्ज एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया गया है। मामले लो लेकर किसान अधिकार संघर्ष समिति ने कहा कि आंदोलन से जुड़े किसान नेता को कथित रूप से परिवार समेत जान से मारने की धमकी दिया जाना गंभीर चिंता का विषय है। समिति ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई और शिकायतकर्ता के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित फोन कॉल और धमकी की घटना की वास्तविकता क्या है। आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आना भी शेष है।

