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करमतरा पंचायत में मोटर पंप खरीदी और बोर खनन पर उठे सवाल, जांच शुरू

खैरागढ़. जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत करमतरा में मोटर पंप खरीदी और बोर खनन कार्यों को लेकर कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व सरपंच लीला मिनेश साहू के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2022, 2023 और 2024 में पंचायत की रोकड़ पंजी में आठ मोटर पंपों की खरीदी एवं बोर खनन कार्यों का उल्लेख दर्ज है, लेकिन संबंधित स्थानों पर निरीक्षण के दौरान मोटर पंप नहीं मिले और बोर खनन कार्यों के स्पष्ट प्रमाण भी सामने नहीं आए। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल ने जनपद पंचायत को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद जनपद पंचायत सीईओ ने दो सदस्यीय जांच दल गठित किया। जांच दल ने 7 अक्टूबर को ग्राम करमतरा पहुंचकर संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान पूर्व सरपंच प्रतिनिधि, वर्तमान सरपंच, उपसरपंच एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में रोकड़ पंजी में दर्ज कार्यों की पड़ताल की गई। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत की रोकड़ पंजी में 1 एचपी, 3 एचपी और 5 एचपी क्षमता के मोटर पंप लगाए जाने का उल्लेख है। हालांकि, संबंधित स्थानों पर निरीक्षण के दौरान मोटर पंप नहीं मिले। इससे खरीदी, स्थापना और वर्तमान उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि मोटर पंपों की खरीदी एवं स्थापना से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए। साथ ही जिम्मेदार व्यक्तियों से लिखित स्पष्टीकरण लेकर मोटरों की वास्तविक स्थिति और उनके वर्तमान स्थान की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रोकड़ पंजी में दर्ज खर्च और मौके की स्थिति का मिलान कर निष्पक्ष जांच की जाए। यदि किसी प्रकार की वित्तीय अथवा प्रशासनिक अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने जांच के निष्कर्ष एवं कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराने की मांग की है।

जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही जांच के निर्देश दे दिए गए थे। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि पंचायत की रोकड़ पंजी में दर्ज मोटर पंप खरीदी एवं बोर खनन कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या है और क्या इस मामले में कोई वित्तीय अनियमितता हुई है। ग्रामीणों की निगाहें अब जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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