
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान से राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर की गई गर्भवती महिला का रास्ते में ही 108 एंबुलेंस के भीतर सुरक्षित प्रसव हो गया। एंबुलेंस में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और सूझबूझ से प्रसूता और नवजात दोनों की जान सुरक्षित रही। प्रसव के बाद दोनों की हालत सामान्य बताई गई है। जानकारी के मुताबिक छुईखदान निवासी शालिनी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। चिकित्सकीय जांच के बाद डॉ. एम. हसन ने बेहतर उपचार और प्रसव के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया। महिला को करीब सुबह 11.40 बजे 108 एंबुलेंस से राजनांदगांव के लिए रवाना किया गया। एंबुलेंस राजनांदगांव पहुंचने ही वाली थी कि दोपहर करीब 1.30 बजे रास्ते में शालिनी को प्रसव पीड़ा तेज हो गई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने में लगभग 15 मिनट का समय बाकी था। स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला और आवश्यक सावधानियां बरतते हुए एंबुलेंस में ही प्रसव कराया। महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान 108 एंबुलेंस की डीएम कीर्ति कौशिक ईएमटी चंद्रकला और पायलट खुमान चंदेल ने तत्परता से अपनी जिम्मेदारी निभाई। टीम की त्वरित कार्रवाई से प्रसव सुरक्षित तरीके से संपन्न हुआ। इसके बाद जच्चा और नवजात को मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव पहुंचाया गया जहां दोनों का स्वास्थ्य ठीक बताया गया है। घटना के बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस की टीम के त्वरित निर्णय सेवाभाव और जिम्मेदारी की सराहना की। आपात स्थिति में एंबुलेंस कर्मियों की सजगता ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने ला दिया है।

