

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले के मत्स्य कृषकों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए मछली पालन विभाग खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण में जिले के 59 मत्स्य कृषक शामिल हो रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान कृषकों को कबीरधाम जिले में बायोफ्लॉक तकनीक पी-लाइनर वैज्ञानिक तरीके से तालाब निर्माण और केज कल्चर जैसी नई एवं उन्नत तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रत्यक्ष अवलोकन और व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से कृषक इन तकनीकों को समझकर अपने क्षेत्र में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। मछली पालन विभाग द्वारा हर वर्ष मत्स्य कृषकों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण आयोजित किए जाते हैं ताकि कृषकों को योजनाओं की जानकारी के साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खैरागढ़ विकासखंड के 80 तथा छुईखदान विकासखंड के 85 मत्स्य कृषकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में खैरागढ़ विकासखंड के कृषकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
