आदिगुरू पंकज चरण दास की स्मृति में खैरागढ़ विश्वविद्यालय में हुआ श्रुति मंडल का आयोजन

सत्यमेव न्यूज़ खैरागढ़. इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कैम्पस-2 स्थित डाॅ.नरेन्द्र देव वर्मा प्रेक्षागृह में शुक्रवार 20 सितंबर को आदिगुरू पंकज चरण दास की स्मृति में इस शिक्षा सत्र के पहले श्रुति मंडल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति सत्य नारायण राठौर, कुलसचिव प्रेम कुमार पटेल, सहायक अधिष्ठाता दृश्यकला संकाय प्रो.डाॅ.राजन यादव, अधिष्ठाता संगीत संकाय प्रो.नमन दत्त, सहायक कुलसचिव राजेश कुमार गुप्ता सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी व प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष तौर पर डाॅ. योगेन्द्र चैबे अधिष्ठाता लोकसंगीत एवं कला संकाय के संयोजन तथा डाॅ.बिहारी लाल तारम के संगीत संयोजन में कलाकारों द्वारा विभिन्न नयनाभिराम प्रस्तुतियां दी गई। सर्वप्रथम श्रीगणेश वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरूआत हुई। प्रथम आयोजन गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति के साथ हुआ तदुपरान्त देवार जाति की महिलाओं द्वारा गाये जाने वाले पारंपरिक देवार गीत की प्रस्तुति हुई वहीं विश्वविद्यालय के छात्रों ने छत्तीसगढ़ी सुआ नृत्य व राउत नाच के बाद राजस्थान के सुप्रसिद्ध नृत्य कालबेलिया की भी मनोरम प्रस्तुति दी। आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकगाथा भरथरी गायन की प्रस्तुति हुई और अंत में कलाकारों द्वारा पंथी नृत्य की अथक प्रस्तुति दी गई। लोकसंगीत की प्रस्तुतियों के बाद सुशांत कुमार दास के नृत्य निर्देशन में ओडिसी नृत्य विभाग के द्वारा गौतम बुद्ध की जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका ‘निर्वाण’ की सराहनीय प्रस्तुति हुई।

कार्यक्रम में कुलपति व कुलसचिव सहित अतिथियों के द्वारा रायगढ़ में आयोजित चक्रधर समारोह में कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले अध्यापक एवं छात्रों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। श्रुति मंडल कार्यक्रम में नृत्य पक्ष में जीनुराम वर्मा, रिंकू वर्मा, रोशन रजक, देरहू प्रसाद, खगेश पैकरा, धीरेन्द्र निषाद, कविता कुम्भकार, झरना देवहारी, वंदना, सुमन बेरवंशी, खुशी वर्मा व लुभाश पटेल रहे। संगतकार के रूप में बांसुरी में डाॅ.बिहारी लाल तारम, हारमोनियम में डाॅ.नत्थूलाल तोड़े, तबला में रामचंद्र सर्पे, मांदर में डाॅ.राजकुमार पटेल, बैंजो में टाहल साहू, ऑर्गन में खेमलाल श्रीवास, ढोलक में आशीष यादव तथा घुंगरू में सूरज ठाकुर रहे। गायन पक्ष में डाॅ.परमानंद पांडेय, डाॅ.विधा सिंह ठाकुर, हर्षा साहू, मनीष कामडे़े रहे। ओडिसी नृत्य विभाग से कलाकार में गुरू सुशांत कुमार दास, पूनम गुप्ता, हिना दास, हिमानी सारथी, दुर्गेश्वरी पाल, अनन्या, श्रद्धा, अर्पित इन्वती, जया निर्मलकर, सुधा, प्रज्ञान प्रसाद, रिंकी टूडू, लीना पाल, दूमेश्वर, टिकेन्द्र, बिरेन्द्र प्रताप, मयंक, रूपेन्द्र, मिथलेश, मीरा व कु.आर्या के द्वारा प्रस्तुति दी गई।