
खैरागढ़ महोत्सव के आयोजन में पहली बार फहराया गया 51 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज
खैरागढ़ में 11वीं बार लहराया 51 फीट ऊँचा तिरंगा

कुलपति प्रो.डॉ.लवली शर्मा सहित विश्वविद्यालय परिवार के मुख्य अतिथि में हुआ आयोजन
आत्मनिर्भर खैरागढ़ के भाव के साथ नागरिक एकता मंच ने किया आयोजन
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। संगीत नगरी खैरागढ़ में खैरागढ़ महोत्सव के आयोजन अवसर पर आत्मनिर्भर खैरागढ़ अभियान के तहत “हमर तिरंगा, हमर खैरागढ़” के भाव को जीवंत करते हुए राष्ट्रभक्ति की भावनाओं को एकत्र करने वाली सेवाभावी संस्था नागरिक एकता मंच के तत्वाधान में महोत्सव की संध्या से पूर्व 19 नवम्बर को अनवरत 11 वीं बार 51 फीट ऊँचा तिरंगा ध्वज बाबा अंबेडकर चौक एशिया के प्रथम संगीत विश्वविद्यालय इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने फहराया गया। यह पहला अवसर है कि खैरागढ़ महोत्सव के आयोजन में 51 फीट ऊंचा राष्ट्रीय तिरंगा ध्वज फहराया गया है।

2021 से अनवरत जारी है यह परंपरा
जिला मुख्यालय खैरागढ़ में देशभक्ति की भावना के साथ नागरिकों में जोश भरने वाली यह परंपरा वर्ष 2021 से निरंतर जारी है जिसमें राष्ट्रीय पर्व से पूर्व तिरंगे की शान को दिन-रात उचित प्रकाश व्यवस्था के साथ प्रदर्शित किया जाता है। इंदिरा कला संगीत विद्यालय द्वारा आयोजित खैरागढ़ महोत्सव के भव्य आयोजन पूर्व मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.डॉ.लवली शर्मा के मुख्य अतिथि में तिरंगा ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर खैरागढ़ महोत्सव के संयोजक प्रो.वेंकट रमन गुडे, प्रो.राजन यादव, प्रो.दिवाकर कश्यप, प्रो.लिकेश्वर वर्मा, प्रो.कौस्तुभ रंजन, प्रो.सुशांत दास, प्रो.कपिल वर्मा, प्रो.विकास चंद्रा, प्रो.छगन उसेंडी व कुलपति सचिवालय प्रमुख सीपी गायकवाड, अमित सिंह सहित मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोमल ठाकुर एवं नागरिक एकता मंच सहित आत्मनिर्भर अभियान से जुड़े स्वयंसेवी मौजूद थे।
भारत माता की वंदना और तिरंगा वंदन के साथ प्रारंभ हुआ आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के तैलचित्र पर वंदना पुष्प अर्पण और संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से जयकारे के साथ हुई तदोपरान्त विशाल का तिरंगे की देश भक्ति नारों के साथ सामूहिक वंदना की गई। इसके बाद नागरिक एकता मंच के संस्थापक सदस्य गोविन्द सोनी के मार्गदर्शन में 51 फीट ऊँचा तिरंगा फहराया गया जिसके बाद राष्ट्रगान की गूंज ने संगीत नगरी के हृदय स्थल को देश भक्ति की भावना से परिपूर्ण बना दिया। मंचीय कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्य अतिथि कुलपति सहित अतिथियों को तिरंगा बैज लगाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो.डॉ.लवली शर्मा ने कहा कि आत्मनिर्भर खैरागढ़ के समाजसेवा का काम तो सराहनीय है ही साथ ही देशभक्ति को समर्पित जो कार्य किया गया वह प्रशंसनीय है। आज विश्वविद्यालय के साथ मिलकर जो कदम उठाया गया है उसके लिए कुलपति ने आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दर्शाता है कि हम अलग नहीं हैं हम सभी खैरागढ़वासी हैं। हमें इसी तरह मिलकर प्रयास करना है और आगे बेहतर कार्य करना है। इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय एक ऐतिहासिक विश्वविद्यालय है जिसे बहुत आगे लेकर जाना है। आज का यह कार्यक्रम गौरवान्वित करने वाला है। आत्मनिर्भर खैरागढ़ की पूरी टीम को इस आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि ऐसे नेक कार्यों के लिए विश्वविद्यालय हमेशा उनके साथ है।इससे पहले मंच के वरिष्ठ सदस्य रुपेश देवांगन ने आत्मनिर्भर खैरागढ़ अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थितजनों स्वालंबन की दिशा में प्रेरित करते हुए स्वच्छता, पर्यावरण व जल संरक्षण, नशा मुक्ति, शिक्षण व रचनात्मक कार्यक्रमों की सारगर्भित जानकारी दी। समारोह का सफल संचालन करते हुए शाँतिदूत के संस्थापक व अभियान के वरिष्ठ स्वयंसेवी अनुराग शाँति तुरे ने अपनी स्वरचित कविताओं एवं नारों से प्रतिक्षण देशभक्ति का जज्बा बनाए रखा। आभार प्रदर्शन मंच के वरिष्ठ सदस्य किशोर शर्मा ने किया। इस गरिमामय कार्यक्रम में नागरिक एकता मंच के वरिष्ठ संयोजक उत्तम कुमार बागड़े, समशूल होदा खान, गोविंद सोनी, डॉ.मकसूद अहमद, नितेश जैन, किशोर शर्मा, वंदना टांडेकर, नीलम राजपूत, मंगल सारथी, अमीन मेमन, रूपेश देवांगन, उमेन्द्र पटेल, ऋषिदीप सिंह, हेमंत लहरे, लकेश्वर जंघेल, संजय सिंह, विनोद वर्मा, जहीन खान सहित जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह गौर, पत्रकारगण यतेंद्रजीत सिंह, निलेश वर्मा, आकाश तिवारी, चंद्रेश कोसरे, सहित स्वयंसेवी उपस्थित रहे।