29वें पड़ाव में हनुमत भजनों पर विधा ने बांधा शमां

बाई साहब मंदिर पहुंची धर्मयात्रा
सत्यमेव न्यूज़/ख़ैरागढ़. अपने 29वें पड़ाव में बाई साहब मंदिर छुईखदान पहुंची धर्मयात्रा के दौरान इंदिरा कला संगीत विवि की कलाकार भजन गायिका डॉ.विधा सिंह राठौर के भजनों ने शमां बांधे रखा, भजन पर परिसर में मौजूद सभी धर्मप्रेमी झूम उठे. राजमहल चौंक स्थित 135 साल प्राचीन बाई साहब मंदिर में धर्मयात्रा के पहुंचने से पहले श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. आसपास के गांवों से भी धर्मयात्रा में शामिल होने सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु छुईखदान पहुंच रहे हैं.
सुंदरकांड व हनुमान चालीसा के संगीतमय पाठ के बाद महाप्रसादी का वितरण किया गया, पाठ में बड़ी संख्या में जय मां दुर्गा महिला मंडल व आदर्श रामायण महिला मंडल की मातृ शक्तियां शामिल हुईं. मातृ शक्तियों ने धर्मयात्रा के सूत्रधार भागवत शरण सिंह को श्रीरामचरितमानस भेंट करते हुये धर्मयात्रा के अनवरत चलते रहने की कामना की. शक्तियों ने छुईखदान में धर्मयात्रा का संयोजन कर रहे श्री जगन्नाथ सेवा समिति के आदित्य देव वैष्णव को रामचरितमानस भेंट कर समस्त सदस्यों को सम्मानित किया व धर्मयात्रा के समस्त युवाओं को रामनामी प्रतीक प्रदान कर सम्मानित किया. बाई साहब मंदिर में राम दरबार भी सजा रहा जहां छोटे बच्चे भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की वेशभूषा में मंच पर विराजमान थे. इस दौरान आरती उतारकर बच्चों को सम्मानित किया गया.
महंत भूधर किशोर दास ने कराया था मंदिर का निर्माण
राजनांदगांव जिले का राजनीतिक एवं सांस्कृतिक इतिहास के लेखक प्रो.खड्ग बहादुर सिंह के अनुसार बाई साहब मंदिर का निर्माण महंत राजा भूधर किशोर दास ने कराया था. इस मंदिर में जमात और कुंआ भी है. इस मंदिर को बिन्दा बाई मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. लगभग 135 वर्ष पहले निर्मित इस मंदिर में अष्ट धातु से निर्मित राधा कृष्ण कि मनोहारी मूर्तियां विराजित हैं. बीते 30 साल से पूजा कर रहे मंदिर के पुजारी गणेश वैष्णव ने बताया कि यहां जन्माष्टमी त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस मंदिर में सबसे अधिक महिलाओं का आना जाना लगा रहता है.