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हनुमान मंदिर निर्माण स्थल को अपवित्र करने का आरोप, आक्रोशित ग्रामीण थाना पहुंचे

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम सर्रागोंदी में एक बार फिर धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला तनाव का कारण बन गया है। गांव में प्रस्तावित हनुमान मंदिर निर्माण स्थल को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा अपवित्र किए जाने का आरोप सामने आया है। आरोप है कि उक्त स्थल पर शराब की खाली बोतलें, डिस्पोज़ल प्लेट-गिलास तथा पानी के पाउच बोरी में भरकर फेंक दिए गए जिससे ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। बताया जा रहा है कि यही वह स्थान है जहां करीब दो माह पूर्व एक पूजनीय पीपल वृक्ष काटे जाने को लेकर भारी विवाद और विरोध हुआ था। बाद में ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यहां हनुमान मंदिर निर्माण का निर्णय लिया गया था। मंदिर निर्माण की तैयारियों के बीच इस तरह की घटना सामने आने से गांव में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ खैरागढ़ थाना पहुंचे और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मांग की कि इस कृत्य को सामान्य शरारत मानकर नजरअंदाज न किया जाए बल्कि इसे सुनियोजित प्रयास मानते हुए गंभीरता से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान अब केवल जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि उनकी आस्था और विश्वास का केंद्र बन चुका है। पहले पूजनीय पीपल वृक्ष को काटकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई और अब मंदिर निर्माण की प्रक्रिया के बीच अपवित्र सामग्री फेंककर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यह मामला उस भावनात्मक घटना की यादें भी ताजा कर गया है जब पीपल वृक्ष कटने के बाद 90 वर्षीय देवला बाई के रोने का वीडियो राष्ट्रीय मीडिया में वायरल हुआ था। उस वीडियो ने देशभर में संवेदना जगाई थी और केंद्रीय मंत्री तक ने इस मामले में ट्वीट किया था। जिसके बाद खैरागढ़ विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा, प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से हनुमान मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। देवला बाई आज भी वहां रोपे गए नए पीपल के पौधे को प्रतिदिन पानी देती हैं जिसे ग्रामीण अपने संघर्ष और आस्था का प्रतीक मानते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर निर्माण के दौरान इस तरह की घटना न केवल देवला बाई जैसे धर्मप्रेमियों की तपस्या का अपमान है बल्कि पूरे गांव की धार्मिक भावनाओं पर सीधा हमला भी है जिससे क्षेत्र में तनाव और असंतोष का माहौल बन गया है। इधर खैरागढ़ पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है।
गौरतलब है कि सर्रागोंदी में पीपल वृक्ष कटने से शुरू हुआ विवाद अब बार-बार आस्था को ठेस पहुंचाने के आरोपों तक पहुंच गया है। ऐसे में गांव में शांति और सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी अब प्रशासन और पुलिस की त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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