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सीमेंट फैक्ट्री के विरोध में किसानों का नया ऐलान

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। प्रस्तावित सीमेंट फैक्ट्री परियोजना के खिलाफ किसानों का विरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। विचारपुर से लगे पंडरिया-भाठा मैदान में आयोजित विशाल किसान महापंचायत में हजारों किसानों ने एकजुट होकर परियोजना को पूरी तरह रद्द कराने का ऐलान किया है और इसके बाद महिला और पुरुष किसानों की भारी मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि यह आंदोलन अब किसी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने वाला।

महापंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से तीन अहम प्रस्ताव पारित किए जो आंदोलन की आगामी रणनीति तय करेंगे। पहला बड़ा फैसला यह लिया गया कि सीमेंट कंपनी द्वारा किसानों से खरीदी गई जमीन उसी मूल्य पर वापस ली जाए। किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कंपनी को संपूर्ण राशि लौटाने को तैयार हैं और इस प्रक्रिया में प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा रखते हैं साथ ही यह भी तय किया गया कि यदि कोई किसान जमीन वापस नहीं लेना चाहता तो उसे गांव के किसी अन्य किसान को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा वहीं दूसरा निर्णय आंदोलन को लेकर रहा। किसानों ने दो टूक कहा कि जब तक सीमेंट फैक्ट्री परियोजना औपचारिक रूप से रद्द नहीं होती तब तक आंदोलन धरना और विरोध किसी भी हाल में नहीं रुकेगा। दबाव प्रलोभन या डराने की नीति का सामना सामूहिक एकता से किया जाएगा।

महापंचायत के दौरान तीसरा और भावनात्मक निर्णय भी लिया गया है। आंदोलन स्थल पर हनुमान मंदिर निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन किया गया। मंदिर निर्माण के लिए एक-एक रुपये के दान का आह्वान किया गया जिसे किसानों का जबरदस्त समर्थन मिला रहा है।

तीसरे एवं अहम आस्थापूर्ण भावनात्मक निर्णय को लेकर किसान अधिकार संघर्ष समिति के संरक्षक गिरवर जंघेल, अध्यक्ष लुकेश्वरी जंघेल और संयोजक सुधीर गोलछा ने जानकारी दी कि मंदिर निर्माण के लिए पहले ही दिन 2 लाख 58 हजार 153 की राशि एकत्रित हुई। यह राशि मुख्यतः एक एक रुपये के सिक्कों और छोटे नोटों के रूप में प्राप्त हुई जिसे किसानों की एकता और आस्था का प्रतीक माना जा रहा है। इसके साथ ही 55 गांवों से किसानों ने अपने खेतों की मिट्टी लाकर भगवान हनुमान मंदिर की नींव में अर्पित की गई है। यहीं नहीं भारत के पूज्य तीर्थस्थली वृंदावन और प्रयागराज से लाई गई पवित्र मिट्टी भी नींव में शामिल की गई जिससे आंदोलन को सांस्कृतिक और धार्मिक मजबूती मिल रही है।

महापंचायत में निर्माणाधीन मंदिर निर्माण समिति का गठन किया गया है और किसान नेता वीरेंद्र जंघेल को सर्वसम्मति से समिति का अध्यक्ष चुना गया है और निर्णय लिया गया कि मंदिर का प्रारंभिक निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ होगा। ज्ञात हो कि 2 अप्रैल हनुमान जयंती के दिन भगवान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही इसी स्थल पर पुनः महापंचायत और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

आहूत सभा में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर राजनीतिक है। किसी भी राजनीतिक दल नेता या संगठन को मंच नहीं दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसानों के मौलिक अधिकार, उनकी जमीन और बेहतर तथा सुखद भविष्य की है जिसका श्रेय कोई व्यक्ति या दल नहीं ले सकता।

महापंचायत में तय किया गया कि 29 तारीख को किसान अधिकार संघर्ष समिति द्वारा जिला प्रशासन को लिखित में ज्ञापन सौंपा जाएगा। फरवरी और मार्च माह में प्रत्येक गांव से प्रतिनिधियों की बैठकें आयोजित कर आंदोलन को और धार दी जाएगी। इस महती किसान महापंचायत में प्रमुख रूप से क्षेत्र के वरिष्ठ किसान नेता मोतीलाल जंघेल, राजकुमार जंघेल, मन्नू चंदेल, संजू जंघेल, रमेश साहू, श्रवण जंघेल, कामदेव जंघेल, प्रमोद सिंह, मुकेश पटेल, बीरेंद्र जंघेल, केदार जंघेल, मंगलू राम साहू, अमर साहू, प्रियंका जंघेल, लक्की जंघेल, पवन जंघेल, कुमार यादव, सजन साहू, लेख राम सहित बड़ी संख्या में किसान साथी उपस्थित रहे।

Satyamev News

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