

सत्यमेव न्यूज छुईखदान। नगर में आषाढ़ माह के अवसर पर मनाया जाने वाला शीतला जुड़वास पर्व इस वर्ष भी गहरी धार्मिक आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिरों में तांता लगा रहा। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भव्य शोभायात्रा निकाली जबकि श्रद्धालु पूरे मार्ग में माता शीतला के जयकारे लगाते हुए भक्ति गीतों पर झूमते रहे। शोभायात्रा का शुभारंभ शक्ति मंदिर से हुआ। यात्रा कर्रापारा राजमहल चौक जैन मोहल्ला और बाजार लाइन के प्रमुख मार्गों से होते हुए शीतला माता मंदिर पहुंची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर नगरवासियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा की और माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया है। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से माता शीतला का पूजन-अर्चन और अभिषेक किया। परंपरा के अनुसार चना, नीम के पत्ते, मिश्री और शक्कर का भोग अर्पित किया गया। धार्मिक मान्यता है कि माता शीतला की श्रद्धापूर्वक आराधना करने से परिवार में सुख-शांति उत्तम स्वास्थ्य रोगों से रक्षा और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने अपने परिवार और नगर की खुशहाली की कामना की है। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। महिलाओं पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा है। नगर में वर्षों से चली आ रही शीतला जुड़वास पर्व की परंपरा इस बार भी पूरे श्रद्धाभाव और अनुशासन के साथ संपन्न हुई। आयोजन ने नगर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया है। शोभायात्रा में देवी राम साहू, आनंद मांडवी, गौकरण रजक, नारायण निषाद, प्रदीप सेन, पंचम साहू, पार्षद कीर्तन साहू, मनोज यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
