
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले के प्रमुख रिटेल स्टोरों में शामिल शुभम के मार्ट में खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी गंभीर अनियमितता सामने आई है। एक ग्राहक की शिकायत पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (केसीजी) की टीम ने मार्ट में जांच की, जहां ओम शांति कंपनी के पोहे के 38 पैकेटों पर भविष्य की पैकेजिंग तिथि अंकित पाई गई। मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने सभी पैकेटों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाते हुए उन्हें पंचनामा तैयार कर सीज कर दिया है और मामले की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार 31 जुलाई 2026 को एक ग्राहक खरीदारी के लिए शुभम के मार्ट पहुंचा था। इस दौरान उसकी नजर ओम शांति कंपनी के पोहे के पैकेट पर अंकित पैकेजिंग तिथि पर पड़ी। पैकेट पर अगस्त माह की पैकेजिंग डेट दर्ज थी जबकि उस समय जुलाई माह चल रहा था। ग्राहक ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए मार्ट कर्मचारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया, लेकिन आरोप है कि शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। ग्राहक ने पैकेट पर दिए गए कस्टमर केयर नंबर पर भी संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन केसीजी से शिकायत की। शिकायत प्राप्त होने पर अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे अपनी टीम के साथ शुभम के मार्ट पहुंचे और जांच की। निरीक्षण के दौरान ओम शांति कंपनी के पोहे के कुल 38 पैकेटों पर भविष्य की पैकेजिंग तिथि अंकित मिली। इसे खाद्य सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए विभाग ने सभी पैकेटों को तत्काल बिक्री से हटाकर सीज कर दिया। जांच पूरी होने तक इन्हें सुरक्षित रखा गया है। प्रारंभिक जांच के बाद यह मामला केवल उत्पाद निर्माता कंपनी ही नहीं बल्कि रिटेल स्टोर की गुणवत्ता जांच प्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। यदि भविष्य की पैकेजिंग तिथि वाले उत्पाद बाजार में भेजे गए हैं तो यह निर्माता की गंभीर लापरवाही हो सकती है वहीं बिना लेबल और पैकेजिंग की जांच किए ऐसे उत्पादों को बिक्री के लिए शेल्फ पर रखना भी स्टोर प्रबंधन की जिम्मेदारी पर प्रश्नचिह्न लगाता है। आशंका है कि कार्रवाई से पहले ऐसे कुछ पैकेट ग्राहकों तक भी पहुंच चुके होंगे।
खाद्य विभाग की अपील
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने उपभोक्ताओं से खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेजिंग तिथि, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर तथा अन्य लेबल संबंधी जानकारी सावधानीपूर्वक जांचने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल खाद्य विभाग को सूचना दें।
क्या है भविष्य की पैकेजिंग डेट का मामला?
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार किसी खाद्य उत्पाद पर भविष्य की पैकेजिंग तिथि अंकित होना गंभीर अनियमितता माना जाता है। इसे ‘मिसब्रांडिंग’ अथवा ‘पोस्ट-डेटेड पैकेजिंग’ की श्रेणी में देखा जाता है। ऐसी स्थिति में यह संदेह उत्पन्न होता है कि उत्पाद की वास्तविक शेल्फ लाइफ को कागजी रिकॉर्ड में बढ़ाकर उसे अधिक समय तक बाजार में बेचने का प्रयास किया गया हो। हालांकि इस मामले में वास्तविक कारण का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
नियमों के तहत हो सकती है कार्रवाई
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के प्रावधानों के अनुसार गलत या भ्रामक लेबलिंग पाए जाने पर संबंधित कंपनी पर तीन लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मामले की गंभीरता के आधार पर लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी संभव है। फिलहाल खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 38 पैकेटों की बिक्री पर रोक लगाकर उन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित कंपनी तथा अन्य जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।