
आमनेर, पिपरिया और मुस्का नदी का लगातार बढ़ रहा जलस्तर
प्रशासन की जलमग्न मार्गों से दूर रहने की अपील
खैरागढ़। बीती रात से जिले में हो रही तेज बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। शुक्रवार दोपहर बाद क्षेत्र की प्रमुख आमनेर, पिपरिया और मुस्का नदी में पानी का बहाव बढ़ने से बाढ़ की स्थिति की आशंका बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि जिले के पहाड़ी इलाकों में खासतौर पर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से लगे मैकल पर्वत श्रेणी के कैचमेंट एरिया में बीती रात से हो रही तेज बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों एवं नालों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नदी तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों के रहवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से नदी-नालों, तालाबों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा जलमग्न पुल-पुलियों, रपटों और सड़कों को पार नहीं करने कहा है वहीं पानी का बहाव कम होने तक सुरक्षित स्थान पर रुकने और आवश्यकता होने पर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के कारण जिले के अन्य जलस्रोतों का जलस्तर भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बाढ़ या तेज बहाव का नजारा देखने, पिकनिक मनाने अथवा सेल्फी लेने के लिए नदी-नालों के किनारे जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है। प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को ऐसे स्थानों से दूर रखने तथा अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील की है।*जिले में राहत-बचाव के लिए टीमें सतर्क*संभावित बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति से निपटने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर सेना, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की टीमें सतर्क हैं ऎसी जानकारी सामने आयी है वहीं संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने और अफवाहों से बचने कहा है।*आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क*जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 07820-299631पुलिस कंट्रोल रूम: 94792-47401एसडीएम खैरागढ़: 07820-299315, 8839474206एसडीएम गंडई-छुईखदान: 07743-263530, 9407620657तहसील खैरागढ़: 07820-224230छुईखदान: 07743-263503गंडई: 07743-260506साल्हेवारा: 07743-299647, 9009832630 जिला प्रशासन ने अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक जोखिम न लें। जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और किसी भी बाढ़ या आपदा की स्थिति में तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना दें ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

