KCG

राज्यपाल के गोदग्राम सोनपुरी के किसान राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कराने मजबूर

सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। प्रदेश के राज्यपाल द्वारा गोद लिए गए गोदग्राम सोनपुरी में करीब 20 वर्ष पहले किसानों की आपसी सहमति से की गई चकबंदी आज भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप गांव के किसानों को बैंक ऋण, फसल बीमा, नामांतरण, मुआवजा तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने शासन-प्रशासन से राजस्व रिकॉर्ड में स्थायी बंदोबस्त कर वास्तविक स्थिति के अनुरूप अभिलेख संशोधित करने की मांग की है। ग्रामीणों की माने तो लगभग दो दशक पूर्व गांव के किसानों ने आपसी सहमति से बिखरी हुई कृषि भूमि का आदान-प्रदान कर चकबंदी की थी। इस पहल का उद्देश्य खेतों को एक स्थान पर व्यवस्थित करना, सिंचाई व्यवस्था को सुगम बनाना तथा आधुनिक कृषि तकनीकों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना था। चकबंदी के बाद अधिकांश किसानों के खेत एक स्थान पर आ गए जिससे बोरवेल आधारित सिंचाई आसान हुई और खेती की लागत घटने के साथ उत्पादन में भी वृद्धि हुई। ग्रामीणों का कहना है कि व्यवस्थित खेती के कारण गांव में कृषि गतिविधियां मजबूत हुईं और पलायन जैसी समस्या में भी काफी कमी आई। बावजूद इसके चकबंदी के अनुरूप राजस्व अभिलेखों में संशोधन नहीं होने से वास्तविक कब्जा और सरकारी रिकॉर्ड में अंतर बना हुआ है।

किसानों का कहना है कि वर्तमान में कई खेतों पर वर्षों से वास्तविक कब्जा अलग है जबकि राजस्व रिकॉर्ड में पुराने खातेदारों के नाम दर्ज हैं। इस विसंगति के कारण नामांतरण, ऋण स्वीकृति, फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा मुआवजा, भूमि संबंधी प्रमाण-पत्र तथा अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। कई बार प्रशासनिक स्तर पर भी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति अलग होने से कार्य प्रभावित होते हैं।

मामले में प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में तहसील कार्यालय, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा राज्य शासन को कई बार आवेदन सौंपे जा चुके हैं। राज्यपाल के ग्राम प्रवास और अन्य अवसरों पर भी यह मुद्दा उठाया गया। ग्राम पंचायत ने भी स्थायी बंदोबस्त की प्रक्रिया पूर्ण कराने का प्रस्ताव और मांग प्रशासन के समक्ष रखी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

किसानों का कहना है कि यदि चकबंदी के अनुरूप राजस्व अभिलेखों में स्थायी बंदोबस्त कर दिया जाए तो वर्षों से चली आ रही समस्या समाप्त हो जाएगी। इससे भूमि का रिकॉर्ड वास्तविक स्थिति के अनुरूप हो जाएगा, राजस्व संबंधी विवादों की संभावना कम होगी तथा किसानों को बैंकिंग, बीमा और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ बिना किसी प्रशासनिक बाधा के मिल सकेगा। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जनहित और किसानों के वैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए गोदग्राम सोनपुरी में लंबित स्थायी बंदोबस्त की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर राजस्व अभिलेखों का अद्यतन कराया जाए ताकि दो दशक पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page