
श्रद्धा साईं महिला उत्थान समिति की महिलाएं तैयार कर रहीं आकर्षक हस्तनिर्मित राखियां, स्थानीय उत्पादों को मिल रहा प्रोत्साहन
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर बाजारों में राखियों की मांग बढ़ने लगी है। इसी बीच खैरागढ़ की श्रद्धा साईं महिला उत्थान समिति की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही हस्तनिर्मित राखियां लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। महिलाओं ने अपने हुनर और रचनात्मकता को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आकर्षक एवं पारंपरिक राखियां तैयार की हैं। समिति की अध्यक्ष त्रिवेणी पटेल के नेतृत्व में महिलाएं राखी निर्माण में जुटी हुई हैं। रंग-बिरंगे धागों, मोतियों, सजावटी सामग्री और विभिन्न डिजाइनों का उपयोग कर राखियों को आकर्षक रूप दिया जा रहा है। राखियों की डिजाइन से लेकर सजावट और पैकिंग तक प्रत्येक कार्य महिलाएं स्वयं कर रही हैं। तैयार राखियों को बाजार तक पहुंचाने की पहल से उन्हें अपनी मेहनत का प्रत्यक्ष लाभ मिलने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है।
हुनर को स्वरोजगार का माध्यम बना रहीं महिलाएं
समिति की महिलाओं के अनुसार हस्तनिर्मित राखियों के निर्माण से पारंपरिक कला और स्थानीय हुनर को बढ़ावा मिल रहा है। खास बात यह है कि महिलाएं अपने घरेलू दायित्वों के साथ इस कार्य को आसानी से कर पा रही हैं। राखियों की बिक्री से प्राप्त आय उनके आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समिति की सचिव शिकीं मेश्राम और कोषाध्यक्ष सावित्री तिवारी सहित अन्य सदस्य राखी निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग कर रही हैं। समिति की सदस्य वर्षा पटेल, रेशमी लहरे, योगिता सारथी, गायत्री पटेल, मालती पटेल, संतोषी गोस्वामी, सिद्धी सिंह एवं रमा नेताम भी राखियां तैयार करने में योगदान दे रही हैं।
स्थानीय उत्पादों और महिला प्रतिभा को मिल रहा मंच
समिति द्वारा तैयार राखियां केवल रक्षाबंधन की सामग्री तक सीमित नहीं हैं बल्कि यह स्थानीय महिला प्रतिभा रचनात्मकता और स्वावलंबन की पहचान भी बन रही हैं। प्रत्येक राखी में महिलाओं की मेहनत और हुनर की झलक दिखाई देती है। स्थानीय स्तर पर उत्पाद तैयार कर उन्हें बाजार उपलब्ध कराने की यह पहल अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक पर्व पर स्थानीय महिला समूहों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित राखियों की खरीदारी से न केवल स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है बल्कि महिलाओं की मेहनत और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलती है। श्रद्धा साईं महिला उत्थान समिति की यह पहल महिला सशक्तिकरण स्थानीय हुनर और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।