
रसायनशास्त्र में बड़ी संख्या में पूरक आने से नाराज विद्यार्थियों ने किया चक्काजाम, तीन दिन में समाधान नहीं होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। बीएससी अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणाम में रसायनशास्त्र विषय में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को पूरक घोषित किए जाने के बाद मंगलवार को छात्रों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। परीक्षा परिणाम में कथित विसंगतियों और कम अंक मिलने से नाराज तीन महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने टैंपो चौक पर चक्काजाम कर उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच सहित परीक्षा परिणाम की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा की मांग उठाई। आंदोलन में रानी रश्मि देवी सिंह शासकीय महाविद्यालय नवीन कन्या शासकीय महाविद्यालय खैरागढ़ और अवंती बाई लोधी महाविद्यालय छुईखदान के विद्यार्थी शामिल हुए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई ने भी विद्यार्थियों के आंदोलन को समर्थन दिया।
अंबेडकर चौक से शुरू हुआ प्रदर्शन
विद्यार्थी पहले अंबेडकर चौक पर एकत्रित हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए टैंपो चौक पहुंचे और खैरागढ़-कवर्धा मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम में सुधार और निष्पक्ष मूल्यांकन की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया।
रसायनशास्त्र में ही सबसे अधिक विद्यार्थी पूरक
विद्यार्थियों के अनुसार रानी रश्मि देवी सिंह शासकीय महाविद्यालय में बीएससी अंतिम वर्ष के 184 नियमित और 74 प्राइवेट विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परिणाम जारी होने के बाद रसायनशास्त्र विषय में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को बेहद कम अंक मिले। आंदोलनरत छात्रों का दावा है कि 184 नियमित विद्यार्थियों में से 84 विद्यार्थी रसायनशास्त्र विषय में पूरक हुए हैं। वहीं 74 प्राइवेट विद्यार्थियों में से 53 विद्यार्थियों को भी इसी विषय में पूरक घोषित किया गया है। एक ही विषय में इतनी अधिक संख्या में विद्यार्थियों के पूरक आने को लेकर छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
सिर्फ पुनर्मूल्यांकन नहीं, पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग
विद्यार्थियों ने कहा कि मामले की जांच केवल उत्तर पुस्तिकाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन प्राप्त अंकों के संकलन और अंतिम परीक्षा परिणाम तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और यदि मूल्यांकन या परिणाम तैयार करने में कोई त्रुटि सामने आती है तो उसका समय रहते सुधार किया जा सकेगा। विद्यार्थियों ने बताया कि इस संबंध में 16 जुलाई 2026 को रानी रश्मि देवी सिंह शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य को ज्ञापन भी सौंपा गया था। इसमें परीक्षा परिणाम की दोबारा जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बावजूद समाधान नहीं होने पर विद्यार्थियों ने मंगलवार को आंदोलन का रास्ता अपनाया।
डिप्टी कलेक्टर ने लिया ज्ञापन
चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद डिप्टी कलेक्टर देवेश साहू मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की। विद्यार्थियों ने प्रशासन को तीन दिन का समय देते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि में उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो वे दोबारा चक्काजाम कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
पूर्व विधायक छन्नी साहू ने भी किया समर्थन
आंदोलन के दौरान छुरिया की पूर्व विधायक छन्नी साहू भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी मांगों को सुना और उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण कर मामले का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उनकी मुख्य मांग परीक्षा परिणाम में सामने आई कथित विसंगतियों की निष्पक्ष जांच और प्रभावित विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की है।